Class 5 hindi Pathbahar chapter 9 Vividhta Mein Ekta West Bengal Board, कक्षा 5 हिंदी पाठबहार पाठ 9 विविधता में एकता पश्चिम बंगाल बोर्ड

कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड

पाठ 9

विविधता में एकता

 मारा देश भारत विश्व के मानचित्र पर अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। हमारे देश की संस्कृति प्राचीन एवं महान है। जनसंख्या की दृष्टि से हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारे देश में अनेक धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं। वे सभी आपस में प्रेमपूर्वक तथा मिल-जुल कर रहते हैं। पर्वतों

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एवं नदियों ने भारत को भीतर से विभाजित कर कई क्षेत्र बना दिए हैं। इस देश के उत्तरी छोर पर कश्मीर है। कश्मीर की जलवायु मध्य एशिया की जलवायु के समान है। कश्मीर को 'धरती का स्वर्ग' कहा जाता है। वहाँ को हरी-भरी घाटियाँ सैलानियों का मन मोह लेती हैं। डल झील में तैरते शिकारे हमें कल्पना लोक में ले जाते हैं। शालीमार और निशात बाग अपने अनुपम सौंदर्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

 इसके विपरीत भारत के दक्षिणी छोर पर कुमारी अंतरीप है, जहाँ के घरों की रचना और लोगों का रंग-रूप श्रीलंका के निवासियों के समान है। इस प्रकार भारत के दोनों छोरों की जलवायु में पर्याप्त अंतर दिखाई पड़ता है।


 जलवायु की इस भिन्नता ने लोगों के रहन-सहन, वेशभूषा एवं खान-पान में भी काफी अंतर ला दिया है।

 पहाड़ी एवं रेगिस्तानी क्षेत्र के लोगों को अधिक परिश्रम करना पड़ता है फलतः वे साहसी एवं निडर होते हैं। मराठों एवं राजपूतों की वीरता का साक्षी हमारा इतिहास भी है।

 जलवायु का प्रभाव वेशभूषा पर भी पड़ता है। पर्वतीय भागों में अधिक ठंड पड़ती है, अतः वहाँ के निवासी ऊनी वस्त्रों का प्रयोग करते हैं। समुद्र तट के निकट बसे लोगों को ऊनी वस्त्रों की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। इसी प्रकार खान-पान में भी काफी भिन्नता है। समुद्रतटीय इलाकों में मछली-भात उनका प्रिय भोजन है तो उत्तरी भारत में दाल-रोटी और सब्जी बड़े चाव के साथ खायी जाती है।


 भारत में अनेक भाषाएँ बोली और समझी जाती हैं। हिंदी अधिकांश भारतीयों की भाषा है, अतः इसे राष्ट्रभाषा स्वीकार किया गया है। यही एक भाषा है जो सारे भारत की एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर सकती है।

 यह तो हुई विविधता की कहानी। अब हम इनके पीछे छिपी एकता पर नजर डालें।

 यदि हम ध्यानपूर्वक देखें तो ये विविधताएँ ऊपरी हैं। विभिन्नता में एकता भारत की विशेषता है। भारत विश्व का अनोखा देश है। यहाँ के निवासी धर्म-संप्रदाय, रीति-रिवाज, रहन-सहन आदि के भेदों को भूलकर देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखते हैं। भारतीय संस्कृति में विभिन्न धर्मों का मिला-जुला रूप झलकता है। चाहे हम भिन्न-भिन्न भाषाएँ बोलते हों, किंतु इन भाषाओं के भीतर बहने वाली विचारधारा समान है। एक ही विषय को लेकर लेखकों ने अपनी-अपनी भाषा में साहित्य की रचना की है। भारत की अधिकांश भाषाओं पर संस्कृत का प्रभाव है।

 हमारी एकता के उदाहरण है-हमारे धार्मिक स्थल।

 उत्तर अथवा दक्षिण आप कहीं भी चले जाइए, आपको जगह-जगह एक ही संस्कृति के मंदिर दिखाई देंगे। मंदिरों का वास्तुशास्त्र हो

 अथवा उनकी मूर्तियाँ सभी में पर्याप्त समानता दिखाई देगी। इसी प्रकार मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च भी सारे भारत में लगभग एक ही जैसे दिखायी देंगे। विभिन्न धार्मिक विधियों में भी काफी समानता है।

 हमारे देश में प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार धार्मिक विधियों को करने और उसी के अनुसार जीवन व्यतीत करने की पूरी स्वतंत्रता है। हमें सदैव यह स्मरण रखना चाहिए कि हमारे किसी व्यवहार से दूसरे धर्म के अनुयायी की भावना को ठेस न पहुँचे। जब हम इस प्रकार का ध्यान नहीं रखते तभी दो संप्रदायों के मध्य कटुता बढ़ती है और सांप्रदायिक दंगे होते हैं। इन दंगों में निदर्दोष व्यक्ति मारे जाते हैं। हमें 'जियो और जीने दो' का रास्ता अपनाना चाहिए।

 हमें सदैव यह याद रखना चाहिए कि हम एक महान देश के निवासी हैं। हमें इस महान देश की हर कीमत पर रक्षा करनी है। देश की एकता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें अपने देश के साथ प्रेम करना चाहिए। देश के साथ प्रेम करने के लिए देश के स्वरूप को जानना अति आवश्यक है। बिना परिचय के प्रेम नहीं हो सकता। देश के मनुष्यों, पर्वतों, नदियों, पशु-पक्षियों एवं पेड़-पौधों के साथ प्रेम करना ही देश-प्रेम है। अपने देश की एकता को अक्षुण्ण बनाए रखना हमारा परम कर्तव्य है।

शब्दार्थ - मानचित्र = नक्शाः विश्व = संसार; साक्षी = गवाह; अनुयायी = माननेवाले; प्राचीन = पुरानीः विभाजित = बँटा हुआ; दृष्टिपात = नज़र डालना; अधिकांश =अधिकतर; सौंदर्य = सुंदरताः अनुपम = जिसकी उपमा न हो; वास्तुशास्व = भवन निर्माण कला; कटुता = कड़वापनः व्यतीत = वितानी; सांप्रदायिक = अलग-अलग संप्रदायों के या गुटों के।
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अभ्यासमाला 

1. संक्षेप में उत्तर दो।

1.1 विश्व के मानचित्र में भारत का क्या स्थान है?

उत्तर : भारत का विश्व के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण स्थान है।

1.2 जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

उत्तर : भारत का जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में दूसरा स्थान है।

1.3 किस स्थान को भारत का स्वर्ग कहा जाता है?

उत्तर : कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है।

1.4 कश्मीर के दो प्रसिद्ध बागों के नाम लिखो।

उत्तर : कश्मीर के दो प्रसिद्ध बागों के नाम शालीमार बाग और निशात बाग है।

1.5 भारत में सबसे अधिक बोली जानेवाली भाषा का नाम बताओ?

उत्तर : भारत में सबसे अधिक बोली जानेवाली भाषा का नाम हिन्दी है।

1.6 'विविधता में एकता' कहने से तुम क्या समझते हो?

उत्तर : विविधता में एकता' कहने का तात्पर्य धर्म-संप्रदाय, रीति-रिवाज, रहन-सहन आदि के भेदों के बावजुद देश की एकता और अखंडता में विश्वास।

1.7 भारत के दक्षिणी छोर के बारे में बताओ।

उत्तर : भारत के दक्षिणी छोर पर कुमारी अंतरीप है। यहाँ के घरों की रचना और लोगों का रंग रूप भी लंका के निवासियों के समान है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।

2.1 जलवायु का प्रभाव किस पर पड़ता है? और किस प्रकार ?

उत्तर : जलवायु का प्रभाव हमारे प्रत्येक कार्य पर पड़ता है। जलवायु ही हमारी पोशाक, वेष-भूषा एवं खान-पान का निर्धारण करती है। पहाड़ी तथा रेगिस्तानी भागों के लोगों को अधिक दूर तक भ्रमण करना पड़ता है। अतः इन क्षेत्रों के लोग अपेक्षाकृत अधिक परिश्रमी और साहसी होते है। मराठों और राजपूतों की वीरता किसी से छिपी नहीं है। पर्वतीय भागों में अधिक ठंडक पड़ती है। अतः यहाँ के लोग ऊनी वस्त्रों का प्रयोग करते है। समुद्र तटीय भागों में ठंडक नहीं पड़ती। अतः यहां के लोग साधारण कपड़ा पहनते हैं। समुद्र तटीय भाग के लोग मछली भात खाते हैं तथा उत्तरी भारत के लोग रोटी-सब्जी एवं दाल खाते हैं। इस प्रकार हम देखते हैं कि जलवायु हमारे खान-पान एवं वेश-भूषा का निर्धारण करती है।

2.2 'विभिधता में एकता भारत की विशेषता है।' कैसे ?

उत्तर : भारत में विभिधता में एकता विद्यमान है। यहाँ जाति, धर्म, जलवायु तथा संस्कृति के आधार पर पर्याप्त विभिन्नता पायी जाती है। पर इस विविधता में भी भारत की सांस्कृतिक एकता निहित है। पूरे देश में अनेक भाषाएँ बोली जाती है, पर संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है तथा हिन्दी भारत की राजभाषा है। भारत में हिन्दू, मुसलमान, सिख, इसाई आदि विविध धर्मों के लोग रहते हैं, पर प्रत्येक धर्मावलम्बी एक दूसरे का आदर करते हैं एवं प्रेम से रहते हैं। सभी भाषाओं के लेखक एक ही विचार के अनुसार लेखन कार्य करते है। यहां के मन्दिरों एवं मस्जिदों की बनावट अपने-अपने धर्म की वास्तुकला के अनुसार है। पूरे देश के हिन्दू एक ही परम ईश्वर का विश्वास करते है। लोगों के पूजा पाठ में भी समानता दिखाई देती है।

• इस प्रकार हम देखते हैं कि भारत की विभिन्नता में भी एकता है।

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2.3 धार्मिक दृष्टि से भारत वर्ष में क्या-क्या विविधताएँ हैं और क्या-क्या समानताएँ हैं?

उत्तर : भारत में हिन्दू, मुसलमान, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध आदि विविध धर्मों के लोग रहते हैं। उनके पूजा स्थलों की बनावट एवं मूर्तियों को देखते हैं तो कुछ विविधता होते हुए भी उनमें मूल रूप से एकता पायी जाती है। पूरे देश के हिन्दू विविध देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, पर वे मानते हैं कि ईश्वर एक ही है, जिसकी पूजा विविध रूपों में होती है। मन्दिर की वस्तुएँ हों अथवा उनकी मूर्तियाँ सब में पर्याप्त समानता दिखाई देगी। इसी प्रकार मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च भी भारत में एक ही प्रकार के दिखायी देंगे।

• भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार पूजा करने और उसी के अनुसार जीवन व्यतीत करने की पूरी स्वतंत्रता है।

2.4 हमें सदैव क्या बात याद रखनी चाहिए?

उत्तर : हमें सदैव यह बात याद रखनी चाहिए कि हम भारत जैसे एक महान देश के निवासी हैं। हमें अपने इस महान देश की हर कीमत पर रक्षा करनी है। अपने देश की एकता को बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। हमें अपने देश से प्यार करना चाहिए।

2.5 भारत विश्व का अनोखा देश है? किस प्रकार ?

उत्तर : भारत विश्व का अनोखा देश है क्योंकि यहां पर विविध प्रकार की जलवायु तथा विविध भू-स्वरूप पाया जाता है। भारत् भारत में अनेक धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं, हैं, अनेक भाषाएं बोलते हैं, अनेक प्रकार का भोजन करते है और विविध प्रकार की पोशाक पहनते हैं। इतनी विविधताओं के होते हुए भी भारत सांस्कृतिक दृष्टि से एक है, तथा पूरे देश के लोग एक साथ मिलकर भाई-भाई की तरह प्रेम से रहते हैं।

2.6 हमारे देश में किस बात की स्वतंत्रता है?

उत्तर : हमारे देश में अनेक धर्मों के लोग निवास करते हैं. पर सबको यह स्वतंत्रता है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार अपने-अपने धर्म का पालन करें।

2.7 सारे भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य हिन्दी किस प्रकार कर सकती है?

उत्तर : पुरे भारत वर्ष में अनेक प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं, परन्तु पुरे देश के अधिकतर लोग हिन्दी बोलते-लिखते और समझते हैं। इसीलिए हिन्दी को राजभाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस प्रकार सारे भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का काम हिन्दी करती है।

2.8 भारतीय संस्कृति में विभिन्न धर्मों का मिला-जुला रूप झलकता है। कैसे?

उत्तर : भारतीय संस्कृति में विभिन्न धर्मो का एक मिला-जुला स्वरूप झलकता है। चाहे आप जितनी ही भिन्न-भित्र भाषा क्यों न बोलते हो किन्तु इन सभी भाषाओं के भीतर बहने जितनी विचारधारा एक समान है। भारत के अधिकतर धर्म ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करते हैं। यही बात हमारी संस्कृति में भी परिलक्षित होती है।

2.9 क्या तुमने दक्षिण भारत का भ्रमण किया है? वहाँ की किन-किन बातों ने तुमको आकर्षित किया है?

उत्तर : हमने दक्षिण भारत का भ्रमण किया है। दक्षिण भारत के भ्रमण के समय मैंने देखा कि उत्तर भारत की अपेक्षा दक्षिण भारत प्राचीन संस्कृति के विचार से अधिक सम्पन्न है। वहां के मन्दिरों की बनावट भी उत्कृष्ट कोटि की है। यहां के लोग अधिक परम्परा प्रिय हैं एवं धार्मिक दृष्टि से उदार होते हुए भी वे अपने धर्म के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं।

2.10 विभिन्न धर्मों की धार्मिक-विधियों में तुम्हें क्या समानता दिखाई देती है?

उत्तर : विभित्र धर्मो की धार्मिक विधियों में हमें जो समानता दिखाई देती है उसके अनुसार हिन्दू धर्म के मन्दिरों की वास्तुकला पूरे देश में एक समान है। पूरे देश के चर्चा, मस्जिदों और गुरुद्वारों का निर्माण भी एक प्रकार से ही हुआ है।

2.11 'जलवायु का प्रभाव वेशभूषा पर पड़ता है।' - क्यों?

उत्तर : किसी देश की जलवायु का सबसे अधिक प्रभाव वहाँ के लोगों की वेशभूषा पर पड़ता है, क्योंकि जलवायु के अनुसार ही लोग अपनी पोशाक पहनते हैं। ठण्डी जलवायु में साधारण सूती वस्त्र शरीर की रक्षा नहीं कर सकते। इसी प्रकार गर्म जलवायु में ऊनी कपड़ा पहनना कष्टदायक होगा। अतः हम कह सकते हैं कि जलवायु का प्रभाव वेशभूषा पर पड़ता है।

2.12 देश की एकता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। क्यों?

उत्तर : हम सब एक ही भारत के निवासी है। हमारा अस्तित्व तभी तक कायम है जब तक हमारा देश सुरक्षित है। अपने देश की सुरक्षा हमें ही करनी है और हम अपने देश की सुरक्षा एक होकर ही कर सकते है। अतः अपने अस्तित्व तथा अपने देश की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि हम सभी भारतवासी एक दूसरे को अपना भाई मानें और सबसे प्रेम करें।

3. इन प्रत्ययों को अलग करके लिखो। (ता, ईय, क, इक) जैसे - एकता = एक + ता

तटीय = तट + ईय

भारतीय = भारत + ईय

विभिन्नता = विभिन्न + ता

सांप्रदायिक = सम्प्रदाय + इक

आवश्यकता = आवश्यक + ता

समानता = समान + ता

4. बिखरे वर्षों को सजाकर शब्दों को उनके नीचे लिखो।

उत्तर : 

प वि री त  - विपरीत, त र भा  - भारत, न चि मा त्र  - मानचित्र, हि सा त्य - साहित्य, क ए ता - एकता।

5. विपरीतार्थक शब्द लिखो।

प्राचीन - नवीन, एकता - अनेकता, प्रिय - अप्रिय, वीरता - कायरता

6. दिए गए शब्दों का वाक्य में प्रयोग करो।

व्यतीत- सुभाष चन्द्र बोस ने भारतीयों के उत्थान में अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया।

विभिन्नता - भारत की विभिन्नता में भी एकता मौजूद है।

पर्याप्त - जाड़े के मौसम में पर्याप्त गर्म कपड़ों की आवश्यकता होती है।

अधिकांश - अधिकांश भारतीय लोग हिन्दू धर्म मानते हैं।

7. दिए गए बहुवचन के एकवचन वाले रूप लिखो।

उत्तर :  विविधताएँ - विविधता, इलाकों - इलाका,  भागों-  भाग, घाटियाँ - घाटी, नदियां - नदी, भाषाएँ - भाषा।

8. पाठ के विभिन्न शब्द युग्मों को चुनकर नीचे दी गई तालिका अनुसार लिखो

उत्तर: समान शब्द का दो प्रयोग - जैसे - तरह-तरह, साथ-साथ, समय-समय, रात-रात

दो अर्थपूर्ण शब्द - जैसे-हरे-भरे, दिन-रात, अच्छा-बुरा, सत्य-असत्य, 

एक अर्थपूर्ण दूसरा अर्थहीन - जैसे-खाना-वाना, सोना-वोना, रचना-वचना, हंसना-वसना।

9. नीचे लिखे अनुच्छेद में उचित स्थान पर विराम चिह्नों (,) (1) का प्रयोग करो।

उत्तर : यदि हम ध्यानपूर्वक देखें तो ये विविधताएँ ऊपरी हैं। विभिन्नता में एकता भारत की विशेषता है। भारत विश्व का अनोखा देश है। यहाँ के निवासी धर्म-सम्प्रदाय, रीति-रिवाज, रहन-सहन आदि के भेदों को भूलकर देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखते हैं। भारतीय संस्कृति में विभिन्न धर्मों का मिला-जुला रूप झलकता है। चाहे हम भिन्न-भिन्न भाषाएँ बोलते हैं, किन्तु इन भाषाओं के भीतर बहने वाली विचारधारा समान है। एक ही विषय को लेकर लेखकों ने अपनी-अपनी भाषा में साहित्य की रचना की है। भारत की अधिकांश भाषाओं पर संस्कृत का प्रभाव है।

10. दिए गए वाक्य को प्रश्नवाचक (?) वाक्य बनाओ। (क्या, कब, कहाँ, कौन, कैसे, कितने आदि जोड़कर)।

पहाड़ी लोग साहसी एवं निडर होते हैं।
कश्मीर की वादियाँ हमारा मन मोह लेती हैं।
भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती है।
भारत विश्व का अनोखा देश है।

उत्तर : 

पहाड़ी लोग कैसे होते हैं?
कौन हमारा मन मोह लेती हैं?
भारत में कितनी भाषाएं बोली जाती है?
भारत विश्व का कैसा देश है?

11. बिखरे शब्दों को जोड़कर वाक्य बनाओ।

प्रश्नः भागों/अधिक/में/पड़ती/है/ठंड

उत्तर: अधिक भागों में ठंड पड़ती है।

प्रश्नः कश्मीर/स्वर्ग/को/कहा/धरती/का/जाता/है।

उत्तर : कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है।

प्रश्नः महान/निवासी/एक/देश/हम/के/हैं

उत्तर  : हम एक महान देश के निवासी हैं।

प्रश्नः अपने/हमें/प्रेम/देश/से/चाहिए/करना

उत्तर : हमें अपने देश से प्रेम करना चाहिए।

12. दिया गया उदाहरण देखो, समझो और करो।

उदाहरण - कश्मीर भारत का स्वर्ग है। कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है।

12.1 पश्चिम बंगाल का लोकनृत्य छौ है। 

- छौ को पश्चिम बंगाल का लोक नृत्य माना जाता है।

12.2 मसूरी पर्वतों की रानी है। 

- मसूरी पर्वतों की रानी कही जाती है।

12.3 हिमालय पर्वतों का राजा है।

- हिमालय को पर्वतों का राजा माना जाता है।

13. हमारे देश की विभिन्न भाषाओं/बोलियों का नाम नीचे दिए मानस मानचित्र में लिखो

उत्तर : 

14. विभिन्न धर्मों की विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। विभिन्नता में एकता विषय पर अपनी कक्षा में परिचर्चा का आयोजन करो। अपने राज्य के सांस्कृतिक जीवन के बारे में बताओ।

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