कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड
पाठ 4
हम बालक
रामधारी सिंह 'दिनकर'
जीवन परिचय (रामधारी सिंह 'दनकर')
हिन्दी के क्रांतिकारी कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' हिन्दी साहित्याकाश के दीप्तमान 'दिनकर' है। इनका जन्म 23 सितम्बर 1908 ई. में मुंगेर जिला (बिहार) के अंतर्गत सिमरिया गाँव में हुआ था। पटना विश्वविद्यालय से बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे एक हाई स्कूल में अध्यापक हो गए। इसके बाद 1934 ई. से 1947 ई. तक बिहार सरकार की सेवा में सब-रजिस्ट्रार और प्रचार विभाग के उपनिदेशक पदों पर कार्य किया। 1950 ई. से 1952 ई. तक मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह महाविद्यालय में हिन्दी के प्राध्यापक रहे। तत्पश्चात् भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति के पद पर कार्य किया और बाद में भारत सरकार के गृह विभाग में हिन्दी सलाहकार के रूप में अपना योगदान दिया। 'दिनकर' को भारत सरकार ने पद्मविभूषण उपाधि से अलंकृत किया। 'मिट्टी की ओर', 'अर्धनारीश्वर', 'रेती के फूल', 'काव्य की भूमिका', 'रेणुका', 'हंकार', 'कुरुक्षेत्र', 'रश्मिरथी', 'उर्वशी', आदि इनकी प्रमुख रचना कृतियाँ है। 'संस्कृति के चार अध्याय', पुस्तक के लिए दिनकर जी को 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' तथा उर्वशी के लिए 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्रदान किए गए। 24 अप्रैल, 1947 ई. को रामधारी सिंह 'दिनकर' का देहावसान हो गया।
रामधारी सिंह 'दिनकर' का काव्य जगत राष्ट्रीयता, देश-प्रेम, प्रेम, सौदार्य, लोक कल्याण की भावना से ओत-प्रोत है। इनकी कविताओं में एक ओर ओजपूर्ण विद्रोह, आक्रोश और क्रांति की पुकार है तो दूसरी ओर श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। दिनकर जी की भाषा में जहाँ संस्कृत के तत्सम शब्द शब्द मिलते है है वहीं उर्दू-फारसी के प्रचलित शब्दों को भी देखा जा सकता है। वस्तुतः कहा जा सकता है कि हिन्दी साहित्य दिनकर जी की सेवाओं के लिए सर्वदा ऋणी रहेगा।
कविता का सारांश
प्रस्तुत कविता 'हम बालक' के माध्यम से राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह 'दिनकर' जी ने भारत के बच्चों में जोश और साहस भरने का प्रयास किया है ताकि बच्चे शुरू से ही राष्ट्र भक्त बने, और देश की मर्यादा की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पण करने के लिए सदा प्रस्तुत रहे।
इस कविता में कवि बच्चों से जो अपेक्षा करता है, उन्हीं बातों को उन बच्चों के मुँह से कहलवाया है। भारत के बच्चे कहते हैं कि हम प्रभात की नयी किरण और दिन के आलोक हैं अर्थात् हममें ताजगी और उत्साह है। हम नये भारत अर्थात् कल के भारत के धीर, वीर, गंभीर और अचल सैनिक हैं। हम हिमालय की तरह अटल रहने वाले वाले भारत के प्रहरी हैं। हम धरती के शान्ति दूत हैं अर्थात् हम पूरी पृथ्वी को शान्ति का संदेश देने वाले हैं। हम वीरों को पैदा करने वाली भारत माँ की आशा की किरणें है। हम पूरे देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिक है। हम अपने पूर्वजों शिवाजी और महाराणा प्रताप की वीर संतान है। हमारे ऊपर कितने भी कष्ट आये पर अत्याचारी के समक्ष झुकेंगे नहीं। अपितु अत्याचारी से लड़ेंगे।
कहने का तात्पर्य यह है कि प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि चाहते है कि भारत के बच्ने राष्ट्र प्रेमी बने और देश पर कोई संकट आने पर लड़ने के लिए सदा तैयार रहे।
कविता का शब्दार्थ एवं भावार्थ
शब्दार्थ : प्रभात = सुबह; आलोक = प्रकाश; नवल = नया; धीर =धैर्यशाली, अचल = स्थिर।
अर्थ : प्रस्तुत कविता 'हम बालक' में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने भारत के बच्चों के विचारों को बतलाया है। भारत भारत के वीर बच्चे कहते हैं कि हम सुबह की नयी किरण और दिन के नये प्रकाश हैं। हम बालक भारत के नये सैनिक हैं जो धीरता, वीरता, गंभीरता से भरे हुए हैं, और अंचल है अर्थात् कोई भी हमे हमारे कर्तव्य मार्ग से हटा नहीं सकता।
सुरभि स्वर्ग की लेते हैं।
हम हैं शांतिदूत धरणी के
छाँह सभी को देते हैं।
शब्दार्थ : प्रहरी = पहरा देने वाला, सिपाही, सैनिक; हिमगिरि = हिमालय; सुरभि = सुगंध, खुशबू; धरणी = पृथ्वी, धरती; छाँह देना = आश्रय देना।
अर्थ : भारत के बच्चे कहते हैं कि हम हिमालय की तरह भारत के पहरेदार है। हम स्वर्ग से सुगंध लेते हैं। हम इस पृथ्वी पर शान्ति के दूत हैं। हम सबको आश्रय देते है।
शब्दार्थ : वीर-प्रसू = वीरों को जन्म देने वाली; नवीन = नया, उजियाला = प्रकाश।
अर्थ : कवि को भारत के बच्चों से बहुत आशा है। कवि दिनकर जी भारतीय बच्चों के लिए कहते हैं कि वे वीरों को उत्पन्न करने वाली माता की हम आशा की किरणे है और गंगा-यमुना, हिन्द महासागर अर्थात् सम्पूर्ण भारत की रक्षा करने वाले है।
शब्दार्थ : शिवा = क्षत्रपति शिवाजी; प्रताप = चित्तौड़ के राणा प्रताप सिंहः जुल्मी = अत्याचारी।
अर्थ : भारत के बच्चे शिवाजी और राणा प्रताप की तरह बनना चाहते हैं। वे कहते हैं कि भले ही हमें घास की रोटी क्यों न खानी पड़े, पर अत्याचारी के सामने समर्पण नहीं करेंगे।
घास की रोटी की कहानी : राणा प्रताप चित्तौड़ के राजा थे। उस समय भारत पर मुगलों का साम्राज्य था। अकबर दिल्ली का शासक था। अकबर ने बड़ी सेना के साथ चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। महाराणा के पास कम सैनिक थे। अतः उनकी हार हुई। राणा प्रताप जंगलों एवं पहाड़ियों में जाकर अकबर से लड़ने के लिए तैयारी करने लगे। उनके पास इतना धन नहीं था कि वे गेहूं की रोटी खा सकें। अतः उन्होंने तथा उनके परिवार ने घास की रोटी खाई पर मुगलों के सामने झुके नहीं।
अभ्यासमाला
1. संक्षेप में उत्तर दो।
1.1 प्रभात की नई किरण कौन है?
उत्तर : भारत के बच्चे प्रभात की नई किरण हैं।
1.2 हम से किसका बोध होता है?
उत्तर : हम से भारत के बहादुर बच्चों का बोध होता है।
1.3 हम भारत के कैसे सैनिक हैं?
उत्तर : हम भारत के बहादुर सैनिक हैं।
1.4 हम किसके शांतिदूत हैं ?
उत्तर : हम धरती के शांतिदूत हैं।
1.5 गंगा और यमुना क्या हैं?
उत्तर : गंगा और यमुना भारत की नदियाँ हैं।
1.6 शिवा-प्रताप कौन हैं?
उत्तर : यहाँ शिवा का अर्थ क्षत्रपति शिवाजी से और प्रताप का अर्थ महाराणा प्रताप से है।
1.7 किसके आगे सिर नहीं झुकाएँगे?
उत्तर : हम अत्याचारी के आगे सिर नहीं झुकाएँगे?
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।
2.1 बालक ने कौन-कौन से रूपों में अपना परिचय दिया है?
उत्तर : बालक ने प्रभात की नयी किरण, दिन के आलोक, देश के धीर, वीर, गंभीर सैनिक; धरती के शांति दूत और भारत के रखवाले के रूप में अपना परिचय दिया है।
2.2 'छाँह सभी को देते हैं' किस तरह?
उत्तर : भारत के बच्चे शान्ति दूत हैं। अतः वे सबको शान्ति का पाठ पढ़ाकर सबकी रक्षा करते हैं।
2.3 हिमगिरि की सबसे ऊँची चोटी का नाम क्या है?
उत्तर : हिमालय की सर्वोच्च चोटी का नाम माउण्ट एवरेस्ट है।
2.4 हिमगिरि का महत्व क्या है?
उत्तर : हिमालय की ऊँची चोटियों उत्तर से आने वाले शत्रुओं को रोक भारत माँ की पहरेदारी करती है।
2.5 अंत में बालक ने कौन सी प्रतिज्ञा ली?
उत्तर : अंत में बालक ने प्रतिज्ञा ली कि हमें कितना भी कष्ट उठाना पड़े उठायेंगे, अत्याचारी के सामने समर्पण नहीं करेंगे।
2.6 इस कविता के रचयिता का नाम क्या है?
उत्तर : इस कविता के रचयिता राष्ट्र कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' है।
2.7 इस कविता का सारांश लिखो।
उत्तर : पाठ के शुरू में देखिए।
2.8 हमारे देश की पाँच प्रमुख नदियों का नाम लिखो।
उत्तर : भारत की पांच प्रमुख नदियां हैं सिंधु, गंगा, बह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि।
2.9 पश्चिम बंगाल के दक्षिणी छोर पर कौन सा महासागर है?
उत्तर : पश्चिम बंगाल के दक्षिणी छोर पर हिन्द महासागर है।
2.10 संसार में महासागरों की संख्या कितनी है? किन्हीं तीन का नाम लिखो।
उत्तर : संसार में पांच महासागर हैं। तीन महासागर के नामः प्रशान्त महासागर, महासागर और हिन्द महासागर है।
3. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखो।
हम नवीन उजियाले हैं।
गंगा-यमुना हिन्द महासागर,
के हम रखवाले हैं।
उत्तर : भारत के बच्चे कहते हैं कि वीर सपूतों को पैदा करने वाली भारत माता की आखो के हम नवीन उजियाले अर्थात् आशा की किरण हैं।
हम गंगा-यमुना, हिन्द महासागर अर्थात् संपूर्ण भारत की रक्षा करने वाले वीर बच्चे है।
4. श्रुतलेख। प्रभात, किरण, सैनिक, उजियाले, जुल्मी, मस्तक।
5. पढ़ो, समझो और उदाहरण के अनुसार पाँच नये शब्द बनाओ।
मस्तक - स्त - अस्त,
उत्तर : परास्त, पुस्तक, स्तब्ध, अस्तबल, अस्ताचल।
6. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को शुद्ध करके लिखो।
उत्तर :
अशुद्ध - शुद्ध
हम परहरी ऊँचे हीमगिरी के, - हम प्रहरी ऊँचे हिमगिरि के
सुरभी स्वर्ग की लेते हैं। - सुरभि स्वर्ग की लेते हैं।
हम है शांतीदूत घरनी के, - हम है शान्ति दूत धरणी के
छांह सभि की देते हैं। - छाँह सभी को देते हैं।
7. निम्नलिखित शब्दों से चुनकर विलोम शब्दों की जोड़ी बनाओ।
नई, वीर, नहीं, अंधेरा, प्राचीन, कायर, असैनिक, हाँ, सैनिक, उजियाला, नवीन, पुरानी
उत्तर : नई - पुरानी, वीर - कायर, नहीं - हाँ
अंधेरा - उजियाला, प्राचीन - नवीन
8. पाठ से तीन विशेषण चुनो और वाक्यों में प्रयोग करो।
उत्तर : धीर -
वीर - भारत के बच्चे धीर, वीर, गंभीर होते हैं।
गंभीर -
ऊँचा - हिमालय दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत है।
नवीन - मेरी हिन्दी पुस्तक नवीन है।
9. निम्नलिखित संज्ञाओं के भेद लिखो तथा उनका एक-एक उदाहरण और लिखो।
उत्तर : वीरता - भाववाचक संज्ञा; उदाहरण गरीबी
भारत - व्यक्तिवाचक संज्ञा; उदाहरण पश्चिम बंगाल
माता - जातिवाचक संज्ञा उदाहरण लड़का
10. समुद्र, रत्नाकर, सिंधु, जलधि, उदधि ये सभी सागर के पर्यायवाची शब्द हैं।
पृथ्वी, धरा, भू, धरती, जमीन ये सभी धरणी के पर्यायवाची शब्द है।
खाली घरों में सही वर्षों को भर कर हिमालय और गंगा के पर्यायवाची शब्द बनाओ।
उत्तर :
11. विशेषण शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाओ।
गंभीर + ता = गंभीरता
मधुर + ता = मधुरता
दक्ष + ता = दक्षता
दुष्ट + ता = दुष्टता
कायर + ता = कायरता
सभ्य + ता = सभ्यता
सरल + ता = सरलता
सत्य + ता = सत्यता
12. 'हम प्रहरी ऊँचे हिमगिरि के' पंक्ति के प्रहरी शब्द का अर्थ है पहरेदार।
12.1 प्रहरी शब्द 'प्र' उपसर्ग लगाकर बना है। उदाहरण को देखो और उसी अनुसार स्वयं नये शब्द बनाओ।
प्र + कार = प्रकार
प्र + साद प्रसाद
प्र + स्तुत = प्रस्तुत
प्र + हार = प्रहार
प्र + दान = प्रदान
12.2 एक सामाजिक पहरेदार के रूप में अपने कार्य के तीन उदाहरण लिखो।
(i) माता-पिता की सेवा
(ii) राष्ट्रप्रेम
(iii) समाज सेवा
13. हमारा देश भारत के ऊपर दस वाक्य अपनी भाषा में लिखो।
उत्तर : हमारे देश का नाम भारत है। हम भारत को प्राणों से अधिक प्यार करते हैं। भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत है जो भारत के प्रहरी के रूप में काम करता है। भारत के दक्षिण में हिन्द महासागर है। हमारे देश में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र आदि नदियाँ बहती है जो हिमालय पर्वत से निकलती हैं। गोदावरी, कावेरी, कृष्णा आदि दक्षिण भारत की नदियाँ हैं। हमारे देश भारत में गेहूँ, धान, चना, मटर, चाय, काफी तथा अनेक फसलों एवं सब्जियों की कृषि होती है। हमारे देश की राजधानी का नाम नयी दिल्ली है। भारत में अनेक उद्योग हैं। हमारे देश में अनेक महापुरुष पैदा हुए है। हम अपनी प्यारी मातृभूमि के सच्चे सपूत हैं।
14. परिचर्चा करो।
देश या समाज की सुरक्षा किस प्रकार तथा किन-किन उपायों से की जा सकती है की चर्चा कक्षा में करो।
उत्तर :
प्रथम छात्र : हम अपने देश और समाज की सुरक्षा के लिए क्या कर सकते हैं?
दूसरा छात्र : अभी हम लोग छोटे बच्चे है। अभी पढ़ना और खेलना ही हमारा काम है?
तीसरा छात्र : ऐसा नहीं है। हम आज भी विद्यालय को साफ रखकर, आपस में प्रेम से रहकर अपने देश और समाज की रक्षा कर सकते हैं।
चौथा छात्र : इसीलिए तो मैंने अपने घर के दो गमलों में दो पौधे लगाए है। इससे हमारे घर के आस-पास का वातावरण स्वच्छ रहता है।
दूसरा छात्र : स्वच्छ वातावरण का देश की सुरक्षा से क्या मतलब है?
चौथा छात्र : मतलब है। जब वातावरण स्वच्छ रहेगा तो लोगों को रोग नहीं होगा, सब स्वस्थ रहेंगे। सब लोग सीमा पर लड़कर ही देश की सुरक्षा नहीं करते है।
पांचवाँ छात्र : किसान अनाज उपजाकर देश की सुरक्षा करता है।
छठवां छात्र : और वैज्ञानिक नये-नये हथियार बनाकर सैनिकों को लड़ने के लिए देते है।
मस्टर साहब : प्रत्येक व्यक्ति यदि अपना काम ठीक से करता है तो उसके लिए वही देश सेवा है।
15. याद रहे - सागरों, देशों, महीनों, शरीर के अंगों (मुँह, हाथ, कान, गला, पैर, अंगूठा, बाल आदि) पर्वतों, पेड़ों, (इमली, नारंगी, छोड़कर), रत्नों आदि के नाम प्रायः पुल्लिंग रहते हैं।
• नदियों, भाषाओं, लिपियां, तिथियों, बोलियों, कुछ बर्त्तनों (कटोरी, थाली, कलछी, छलनी, चम्मच आदि), शरीर के कुछ अंगों (गरदन, कमर, जीभ, ऊँगली, छाती, आँख आदि), तथा शब्दों के अन्त में आई, ता, नी, आवट, आहट, ई, री, आनी, आस, इया, इमा, आदि प्रत्यय जुड़े रहने वाले शब्द स्त्रीलिंग शब्द होते हैं।
16. भावार्थ । देखिए।
[ अर्थ : भारत के बच्चे कहते हैं कि हम हिमालय की तरह भारत के पहरेदार है। हम स्वर्ग से सुगंध लेते हैं। हम इस पृथ्वी पर शान्ति के दूत हैं। हम सबको आश्रय देते है।]
17. भावार्थ 4 देखिए।
[ अर्थ : भारत के बच्चे शिवाजी और राणा प्रताप की तरह बनना चाहते हैं। वे कहते हैं कि भले ही हमें घास की रोटी क्यों न खानी पड़े, पर अत्याचारी के सामने समर्पण नहीं करेंगे।]
👉कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड
👉Daily Use 100000+ English and Hindi Sentences



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