Badal Class 5 chapter 13 hindi Pathbahar West Bengal Board, कक्षा 5 हिंदी पाठबहार पाठ 13 बादल पश्चिम बंगाल बोर्ड

 कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड

 पाठ 13
बादल 

🏵️डा. परशुराम शुक्ल
जीवन परिचय  : डॉ. परशुराम शुक्ल का जन्म 6 जून, 1947 ई. को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् पी.एच.डी. की डिग्री हासिल की। भारतीय हिरन और गाय, भारतीय वन्य जीव, भारत का राष्ट्रीय पशु और राज्यों के राज्य पशु सहित दजनों से अधिक पुस्तकें लिखी है। 6 हजार से अधिक स्फुट रचनाएँ भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने अनेक रचनाओं का भिन्न-भिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी किया है। डॉ. परशुराम शुक्ल को समाज कल्याण मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली, चिल्ड्रेस बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया, हिन्दी अकादमी हैदराबाद आदि संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया है। वर्तमान समय में डॉ. शुक्ल पंचशील नगर, दतिया (मध्य प्रदेश) में रहकर लेखन कार्य में संलग्न हैं।]

गोरे बादल, काले बादल, 
नभ पर कितने सारे बादल 
कभी जोर से गर्जन करते 
कभी शांत बेचारे बादल।
गर्मी से तपती धरती पर 
शीतल पवन चलाते बादल 
सूखे वृक्ष हरे हो जाते 
ऐसा जल बरसाते बादल। 
चातक, मोर, पपीहा नाचें 
देख दूर से आते बादल,

जंगल में मंगल हो जाते, 
जब नभ पर छा जाते बादल।
सारे जग की प्यास बुझाते, 
इतना नीर बहाते बादल 
नाले, नदियाँ और समंदर 
ऊपर तक भर जाते बादल।
इन्द्रधनुष के रंग लुटाते 
पहला पाठ पढ़ाते बादल 
करो सदा धरती की सेवा 
हमको ये सिखलाते बादल।

कविता का शब्दार्थ एवं भावार्थ 

1. गोरे बादल,............................. दूर से आते बादल।
शब्दार्थ : गोरे = उज्ज्वल, सफेद; नभ = आकाश गर्जन = गरजनाः शांत = चुप चाप; बेचारे = कमजोर; तपती = गर्म; शीतल= ठण्डा।
अर्थ :  प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के बादलों का वर्णन किया गया है। आकाश में छाये हुए बादल काले, गोरे अनेक रंगों के होते हैं। ये आकाश में चारों तरह से छाये रहते है। कभी ये जोर से गरजते है और कभी शांत हो जाते हैं। ये बादल गर्म पृथ्वी पर शीतल पवन चलाते हैं और ऐसी वर्षा करते है कि सूखे वृक्ष हरे-भरे हो जाते हैं। बरसने वाले बादलों को आते हुए देख चातक, मोर और पपीहा पक्षी नाचने लगते है। अर्थात् खुश हो जाते हैं। 

2. जंगल में मंगल.................हमको ये सिखलाते बादल।
शब्दार्थ : जंगल = वन; मंगल = आनन्दः नीर = जल; जग = संसार।
अर्थ : प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से कवि का कहना है कि जब वर्षा होती है तो जंगल में मंगल हो जाता है अर्थात् पौधे हरे-भरे हो जाते हैं और पक्षी-खुश होकर नाचने लगते हैं। बादल इतना पानी बरसाते हैं कि नदी, नाले और समुंदर ऊपर तक भर जाते हैं। आकाश में बादलों के कारण कभी-कभी इन्द्रधनुष चमकता है। बादल अपने कार्यों से हमें यह पाठ पढ़ाते है कि हमें भी सदैव पृथ्वी की सेवा करनी चाहिए।

 अभ्यासमाला 

1. संक्षेप में उत्तर दो।
1.1 तुमने कितने रंगों वाले बादल देखे हैं?
उत्तर : मैंने काले और सफेद बादल और कभी-कभी भूरे बादल भी देखे है।

1.2 बादलों की गरज सुनने में कैसी लगती है?
उत्तर : बादलों की गरज सुनने में शेर के दहाड़ की तरह भय कारक लगती है।

1.3 बादल घरती पर क्या बरसाते हैं?
उत्तर : बादल धरती पर जल बरसाते हैं।

1.4 बादलों को देख कौन नाच उठते हैं?
उत्तर : बादलों को देख चातक, मोर और पपीहा पक्षी नाच उठते हैं।

1.5 बादल जग की प्यास किस तरह बुझाते हैं?
उत्तर : बादल वर्षा कर संसार की प्यास बुझाते हैं।

1.6 बादल हमें क्या-क्या सिखाते हैं?
उत्तर : बादल हमें सदैव धरती की सेवा करना अर्थात परोपकार करना सिखलाते है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।
2.1 नभ में बादलों की हल-चल के बारे में लिखो।
उत्तर :  आकाश में जब बादल छाते हैं तो वर्षा करते हैं, गरजते हैं और आसमान में उड़ते हुए नजर आते हैं।

2.2 बादल हमारी सहायता किस प्रकार करते हैं?
उत्तर : बादल जब वर्षा करते है तभी पृथ्वी को जल मिलता है जिसका उपयोग हम पीने, भोजन बनाने, सफाई करने और फसलों की सिचाई आदि में करते हैं। जल से ही कृषि की पैदावार होती है तथा जलाशयों एवं नदियों में जल आता है।
2.3 सारे जग की प्यास बुझाने का अर्थ क्या है?
उत्तर : सारे जग की प्यास बुझाने का अर्थ पृथ्वी के सभी मनुष्यों, जीव-जन्तुओं और पौधों तथा वृक्षों के जल की जरूरत को पूरा करना जिससे वे जीवित रहे एवं फलें-फूलें।

2.4 बादल हमें धरती की सेवा किस प्रकार करने के लिए कह रहे हैं?
उत्तर : कवि के अनुसार जिस प्रकार बादल वर्षा कर पृथ्वी की सेवा कर रहे हैं अर्थात् पृथ्वी की प्यास बुझा रहे है उसी प्रकार हमें भी पृथ्वी पर जितने मनुष्य, जीव-जन्तु और पेड़-पौधे हैं उनकी सेवा करनी चाहिए। हम भी अपने सेवा कार्यों से लोगों की भूख प्यास मिटा सकते हैं।

2.5 बादल किस प्रकार बनते हैं, प्रक्रिया को लिखो ?
उत्तर  : तालाब, नदी एवं समुद्र के पानी पर जब सूर्य की किरणें पड़ती है तो इनका पानी गर्म होकर भाप बनती है। भाप हल्की होने के कारण ऊपर आसमान में जाकर ठण्डी होती है और बादल बनते हैं।

2.6 वैसे दृश्य का वर्णन लिखो जब आसमान बादलों से घिरा हो।
उत्तर  : आकाश जब बादलों से घिर जाता है और हवा चलती है तो बादलों को देख कर ऐसा लगता है मानो एक दल दूसरे पर आक्रमण कर रहा है। कभी कोई बादल ऊपर जाता है तो कभी कोई। जब आकाश बादलों से घिरता है तो उस समय सूर्य छिप जाता है और चारों ओर घनघोर घटा छा जाती है।

2.7 बारिश आने वाली है। इस बात का अनुमान तुम किस तरह लगाते हो?
उत्तर  : आकाश में जब काले बादल छा जाते है तो सूर्य का प्रकाश धीमा पड़ जाता है बादल इधर-उधर दौड़ने लगते हैं। इस समय हमें वर्षा होने की संभावना मालूम पड़ती है।

2.8 बादलों के बरसने के बाद तुम्हें आस-पास कैसा बदलाव नजर आता है? लिखो।
उत्तर  : बादलों के बरसने के बाद सूखी भूमि गीली हो जाती है। आस-पास के नदी, नाले तालाब, पोखर सब भर जाते हैं, हवा ठण्डी हो जाती है, मेंढक टरनि लगते है। बिलों से विभिन्न प्रकार के कीड़े मकोड़े तथा अन्य जीव जन्तु बाहर निकलने लगते हैं।

3. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखो।
   चातक, मोर, पपीहा नाचे
   देख दूर से आते बादल
   जंगल में मंगल हो जाते,
   जब नभ पर छा जाते बादल।

उत्तर : अर्थ : दूर से काले बादलों को आते देख कर चातक, मोर और पपीहा इस आशा में नाचने लगते हैं कि अब वर्षा होगी तथा जंगल में सर्वत्र आनन्द का साम्राज्य छा जाता है। नभ में छाये बादलो को देख सभी मस्ती से भरकर खुश हो जाते हैं।

4. दिए गए शब्दों का वर्ण विच्छेद करो।
शीतल, धनुष, गोरे, धरती, प्यास
उत्तर  :शीतल - श् + ई + त् + अ + ल् + अ, 
धनुष - ध् + अ + न् + उ + ष् + अ, 
गोरे - ग् + ओ + र् + ए , 
धरती - ध् + अ + र् + अ + त् + ई, 
प्यास - प् + य् + आ + स् + अ।

5. निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग करो। मंगल, गर्जन, मोर, प्यास, पाठ

उत्तर  : मंगल वर्षा होने से जंगल में मंगल होने लगता है। 
गर्जन - घोर गर्जन के साथ शेर ने हिरणों पर आक्रमण कर दिया। 
मोर - बादलों की छाया में मोर का नाच सुहाना होता है।
प्यास - प्यास केवल पानी से ही बुझती है। 
पाठ - अपना पाठ नियमित रूप से याद करो।
6. बेमेल को गोल घेरो तथा पास में लिखो।
चातक, पपीहा, बैल, मोर ---   बैल
बादल, घटा, मेघ, घन ---    घटा
द्वीप, नदी, तालाब, समुद्र ---  द्वीप

7. निम्नलिखित शब्दों का तीन-तीन पर्यायवाची लिखो।
उत्तर :
मोर-मयूर, कलापी, शिखी; नभ-आकाश, आसमान, गगन; जग-संसार, विश्व, जगत

8. निम्न शब्द पहली से 'बादल' के पर्यायवाची शब्दों को खोजकर लिखो। एक लिख दिया गया है।


जैसे मेघ, जलध, घन, नीरध, पयोध, अंबुध। 

9. शब्द जाल में विशेषण शब्द को चुनकर घेरो और पास में लिखो

उत्तर  : 
 - शीतल ; गहरा ; गोरा ;  काला ;  नमी ;  घना

10. संज्ञा और विशेषण की तीन जोड़ियाँ पाठ से चुनकर लिखो।
जैसे- हरे वृक्ष

उत्तर : गोरे बादल, काले बादल, शीतल पवन, सूखे वृक्ष।

11. कविता की इन पंक्तियों से क्रिया शब्द चुनकर लिखो।
11.1 शीतल पवन चलाते बादल - चलाते
11.2 जब नभ पर छा जाते बादल - छा जाते
11.3 इतना नीर बहाते बादल - बहाते
11.4 पहला पाठ पढ़ाते बादल - पढ़ाते

















   

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