कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड
कक्षा 5 हिंदी पाठ 1 'वह देश कौन-सा है?' पश्चिम बंगाल बोर्ड संपूर्ण हल।
वह देश कौन-सा है?
Class 5 hindi Pathbahar WBBE
पं. राम नरेश त्रिपाठी
[ जीवन परिचय :- पं. रामनरेश त्रिपाठी का जन्म जौनपुर जिला के अंतर्गत कोइरीपुर ग्राम में सन् 1889 में हुआ था। इनके पिता पं. रामदत्त त्रिपाठी एक ईश्वर-भक्त ब्राह्मण थे। घर के धार्मिक वातावरण और पिता की परमेश्वर भक्ति का अमिट छाप बालक रामनरेश त्रिपाठी पर पड़ा। पं. रामनरेश त्रिपाठी नवीं कक्षा तक ही स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके थे। तदापि अपने अध्यवसाय से हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत आदि का गहन अध्ययन कर साहित्य सेवा में कूद पड़े। हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के प्रचार मंत्री के तौर पर अपनी सेवा देते हुए सन् 1962 में परलोकवासी हो गये।
पं. रामनरेश त्रिपाठी बहुमुखी प्रतिभा संपन्न साहित्यकार थे। उनके साहित्य में स्वदेश प्रेम, प्रकृति-चित्रण, मानवता और भारतीय दर्शन कूट-कूट कर भरा हुआ है। 'मानसी'. 'ग्राम्यगीत', 'पथिक', 'मिलन', 'स्वप्नों के चित्र', 'सुभद्रा', 'अशोक', 'आकाश की बाते' आदि इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।
पं. रामनरेश त्रिपाठी की भाषा अत्यन्त सरल, सहज एवं सरस है जो ओज और माधुर्य गुणों से युक्त है। ]
कविता का सारांश
प्रस्तुत कविता 'वह देश कौन सा है' प. राम नरेश त्रिपाठी की राष्ट्र-प्रेम से संबंधित कविता है। प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने भारत की प्राकृतिक सुन्दरता और सम्पन्नता तथा यहां के लोगों की विद्वता और न्यायप्रियता का गुणगान किया है।
कवि भारत वर्ष का गौरवगान करते हुए कहते हैं कि दुनिया में भारत ही ऐसा महान देश है जिसके चरण सागर पखारता है तथा हिमालय पर्वत उसके मुकुट की तरह शोभा देता है। यहां की नदियों का जल अमृत के समान गुणकारी और पवित्र है। इन नदियों के जल से सिचाई होती है जिससे अमृत के समान फल-फूल, अन्न, मेवा प्राप्त होते हैं। इस देश की जलवायु ऐसी है कि वर्ष भर यहां के खेत फसलों से लहराते रहते हैं और फूल अपनी सुगन्ध और सुन्दरता चारों ओर बिखेरते रहते हैं। यहाँ के पर्वतों, मैदानों और वनों में सदा हरियाली छायी रहती है। भारत की भूमि अनेक बहुमूल्य खनिजों से भरी हुयी है। यहां के लोगों ने ही सर्वप्रथम शिक्षा प्राप्त की, वेदों की रचना की और संस्कृति सभ्यता का विकास किया। भारत के लोग
अपने ही शिक्षित होकर खुश नहीं हुए अपितु उन्होंने विश्व के अन्य देशों के लोगों को भी शिक्षित और ज्ञानी बनाया। यहां के लोगों के जीवन का उद्देश्य ही त्याग रहा है। अयोध्या के गिजा दशरथ के पुत्र राम ने पिता के एक आदेश पर अपना राज्य छोड़ दिया और चौदह वर्षों कुजालए वन चले गये। प्रिय भाई लक्ष्मण भी उनके साथ वन चले गये और अन्य भाई भरत उनकी खड़ाऊ को राज सिहासन पर रखकर प्रजा-पालन करने लगे। ऐसे प्रेमी भाई अन्यत्र कहाँ है। कवि कहते हैं कि यहां के लोग निष्पक्ष और न्यायी है। करोड़ों भारतीय आपसी प्रेम भाव के साथ भारत में निवास करते हैं।
कविता का शब्दार्थ एवं भावार्थ
शब्दार्थ : मन-मोहिनी = मन को मोहने वाली; प्रकृति = कुदरत; निरंतर = लगातार; रत्नेश = रत्नों का खजाना, सागर; चरण = पैर;
अर्थ : प्रस्तुत कविता पंक्तियों के माध्यम से कवि पं. राम नरेश त्रिपाठी जी ने अपने देश भारत वर्ष की महानता का वर्णन किया है। कवि का कहना है कि मन को मोहने वाली प्रकृति की गोद में जो देश बसा हुआ है, जहाँ स्वर्ग के समान सुख है, जिसका पैर लगातार रत्नों का खजाना सागर धोता है, जिसके मस्तक पर मुकुट के समान हिमालय पर्वत शोभायमान है, वह देश कौन सा है? निःशन्देह वह भारतवर्ष ही है।
शब्दार्थ : सुधा = अमृतः सलोना = सुन्दर; रसीले = रस वाले; नाज = अनाज; आंगने = आंगन में।
अर्थ : कवि पं. राम नरेश त्रिपाठी जी का कहना है कि जहाँ नदियाँ अमृत की धारा बहा रही है इस तरह से सीचा हुआ वह देश कौन सा है। जिस देश के कन्द-मूल, फल-फूल, मेवे और अनाज रस से भरे हुए है तथा जिसके आँगन इनसे भरे हुए हैं, वह देश कौन सा है ? कहने का तात्पर्य वह भारत देश ही है।
शब्दार्थ : सुगंध = सुन्दर गंध; प्रसून = फूल; गिरि = पर्वत; लहकतीं = फलती-फूलती।
अर्थः प्रस्तुप्त कविता पंक्तियों के माध्यम से कवि राम नरेश त्रिपाठी जी कहते हैं कि जिस देश के प्यारे प्यारे सुगंधित सुन्दर फूल दिन रात हँसते रहते हैं, जिस देश के मैदान, पर्वतो एवं वनों में सदैव हरियाली का वास होता है तथा जहाँ हर समय आनंद का वातावरण छाया रहता है वह देश कौन सा है?
शब्दार्थ : अनन्त = जिसका कभी अंत न हो, बहुत अधिक; शिरोमणि = सबसे महान ।
अर्थ : प्रस्तुत कविता पंक्तियों के माध्यम से कवि राम नरेश त्रिपाठी जी अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहते है कि जिसकी अपार संपत्ति से धरती भरी हुयी है, जो पूरी दुनिया का शिरमौर्य है अर्थात् सबसे महान है, जिसने पृथ्वी के निवासियों को अज्ञानता की नीद से सर्वप्रथम जगाया, उन्हें शिक्षित किया और सभ्य बनाया वह देश भारतवर्ष ही है।
शब्दार्थ : स्वराज = अपना राज्य; तृणवत् = तृण के समान, तुच्छ; निस्वार्थ = बिना स्वार्थ का, परोपकारी ।
अर्थ : प्रस्तुत कविता पंक्तियों के माध्यम से कवि राम नरेश त्रिपाठी जी स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि जिस देश में पिता के आदेश से अपने राज्य को तृण की तरह त्याग दिया, जहाँ ऐसे राम ने जन्म लिया था, जहाँ लक्ष्मण और भरत के समान प्रिय एवं निःस्वार्थ अच्छे भाई पैदा हुए हैं वह निश्चित रूप से हमारा देश भारत वर्ष ही है।
शब्दार्थ : निष्पक्ष = बिना पक्षपात वाला, न्यायी; कोटि-कोटि = करोड़ों-करोड़ों; सपूत = योग्य पुत्र; सिवाय = अतिरिक्त, अलावा।
अर्थ : इन कविता पंक्तियों के माध्यम से कवि राम नरेश त्रिपाठी जी कहते हैं कि पक्षपात से रहित, न्यायप्रिय लोग जो पढ़े लिखे हैं वही बता सकते हैं कि सर्वगुणों से सम्पन्न जिस देश के करोड़ों-करोड़ों भाई, सेवक एवं सपूत है, वह भारत के अलावा और कोई देश नहीं हो सकता है।
अभ्यासमाला
1. संक्षेप में उत्तर दो।
1.1 इस कविता के कवि कौन हैं ?
उत्तर : इस कविता के कवि श्री राम नरेश त्रिपाठी जी हैं।
1.2 कविता में किस देश का उल्लेख है ?
उत्तर : इस कविता में भारत देश का उल्लेख है।
1.3 इस कविता में भारत की किन विशेषताओं का उल्लेख किया गया है?
उत्तर : इस कविता में भारत के प्राकृतिक वैभव एवं यहाँ के लोगों की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख किया गया है।
1.4 भारत के चरणों को कौन धोता है? इसका मुकुट किसे बताया गया है?
उत्तर : भारत के चरणों को सागर धोता है। इसका मुकुट हिमालय पर्वत को बताया गया है।
1.5 भारत के सेवक एवं सपूतों की संख्या कितनी है?
उत्तर : भारत के सेवक एवं सपूतों की संख्या करोड़ों करोड़ों है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।
2.1 भारत एक आनन्दमय देश है, किस प्रकार ?
उत्तर : भारत की नदियों का जल अमृत की तरह गुणकारी है और अमृत के समान जीवन दायिनी है। ये पूरे देश की भूमि को सींचती हैं जिससे भारत में रसीले और सुस्वादु फल, कंद, अन्न और मेवा पैदा होते हैं। यहाँ पर सुगंधित और सुन्दर फूल सदा खिले रहते हैं। यहां के पर्वत, मैदान और वनों में सदा हरियाली छायी रहती है। जीवन का सभी आनन्द यहाँ पर प्राप्त है। इसी कारण भारत एक आनन्दमय देश है।
2.2 'नदियाँ सुधा की धारा बहा रही है' आशय स्पष्ट करो।
उत्तर : 'नदियां सुधा की धारा बहा रही है' इसका आशय यह है कि यहाँ की नदियों का जल स्वच्छ और अमृत के समान गुणकारी है तथा इनके जल की सिचाई से विभिन्न प्रकार के अन्न, फल-फूल एवं मेवा उत्पन्न होते हैं।
2.3 भारत की धरती में कौन से अनन्त धन गड़े हैं?
उत्तर : भारत की धरती में विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ जैसे लौह अयस्क, कोयला, मैगनीज, तांबा, सोना, खनिज तेल आदि के रूप में अनन्त धन गड़े हैं।
2.4 भारत के प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में क्या कहा गया है?
उत्तर : भारत के प्राकृतिक सौन्दर्य के बारे में कहा गया है कि इसके उत्तर में हिमालय पर्वत और दक्षिण में हिन्द महासागर स्थित है तथा यहां के पर्वतों, मैदानों और वनों में सदा हरे पेड़-पौधे लहराते रहते हैं। यहां के सुन्दर और सुगन्धित फूल सबका मन मोह लेते हैं।
2.5 भारत ने पृथ्वी के निवासियों को किस प्रकार जगाया ?
उत्तर : भारत के लोग सबसे पहले शिक्षित हुए। जब विश्व के लोग जंगलों में जानवरों की तरह रहते थे, उस समय यहां के लोगों ने वेदों, रामायण और महाभारत की रचना की और पूरे विश्व के लोगों को शिक्षा देकर उनको जगाया।
2.6 इस कविता का सार अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर : प्रस्तुत कविता 'वह देश कौन सा है' प. राम नरेश त्रिपाठी की राष्ट्र-प्रेम से संबंधित कविता है। प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने भारत की प्राकृतिक सुन्दरता और सम्पन्नता तथा यहां के लोगों की विद्वता और न्यायप्रियता का गुणगान किया है।
कवि भारत वर्ष का गौरवगान करते हुए कहते हैं कि दुनिया में भारत ही ऐसा महान देश है जिसके चरण सागर पखारता है तथा हिमालय पर्वत उसके मुकुट की तरह शोभा देता है। यहां की नदियों का जल अमृत के समान गुणकारी और पवित्र है। इन नदियों के जल से सिचाई होती है जिससे अमृत के समान फल-फूल, अन्न, मेवा प्राप्त होते हैं। इस देश की जलवायु ऐसी है कि वर्ष भर यहां के खेत फसलों से लहराते रहते हैं और फूल अपनी सुगन्ध और सुन्दरता चारों ओर बिखेरते रहते हैं। यहाँ के पर्वतों, मैदानों और वनों में सदा हरियाली छायी रहती है। भारत की भूमि अनेक बहुमूल्य खनिजों से भरी हुयी है। यहां के लोगों ने ही सर्वप्रथम शिक्षा प्राप्त की, वेदों की रचना की और संस्कृति सभ्यता का विकास किया। भारत के लोग
अपने ही शिक्षित होकर खुश नहीं हुए अपितु उन्होंने विश्व के अन्य देशों के लोगों को भी शिक्षित और ज्ञानी बनाया। यहां के लोगों के जीवन का उद्देश्य ही त्याग रहा है। अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम ने पिता के एक आदेश पर अपना राज्य छोड़ दिया और चौदह वर्षों के लिए वन चले गये। प्रिय भाई लक्ष्मण भी उनके साथ वन चले गये और अन्य भाई भरत उनकी खड़ाऊ को राज सिंहासन पर रखकर प्रजा-पालन करने लगे। ऐसे प्रेमी भाई अन्यत्र कहाँ है। कवि कहते हैं कि यहां के लोग निष्पक्ष और न्यायी है। करोड़ों भारतीय आपसी प्रेम भाव के साथ भारत में निवास करते हैं।
2.7 तुमको भारत की क्या क्या चीजें लुभाती है?
उत्तर : भारत मेरा प्यारा देश है। यहां की प्रत्येक वस्तु मेरा मन मोह लेती है। यहां के मैदान, हरे-भरे वन, ऊँचे पर्वत सब मेरा मन मोह लेते हैं। हमारे देश में राम जैसे महान पुरुष हुए हैं जिन्होंने पिता के एक इशारे पर अपना राज्य छोड़ दिया और नौदह वर्षों तक वन में रहे। उनके भाई लक्ष्मण और भरत का आदर्श चरित्र मेरा मन मोह लेता है। यहाँ वर्ष भर खिलने वाले सुगन्धित और सुन्दर फूल अपनी ओर आकर्षिक करते हैं। भारत की मिट्टी के कण-कण में मेरा प्राण बसता है। गंगा का पवित्र जल मेरा तन और मन दोनों निर्मल कर देता है। इस तरह भारत की प्रत्येक वस्तु में मेरा तन-मन रचता और बसता है।
3. सही शब्द द्वारा कविता की पंक्तियों को पूरा करो।
3.1 स्वर्ग-सा जहाँ है, वह देश कौन-सा है? (दुख/सुख/भूख)
3.2 जिसका चरण निरंतर धो रहा है। (विध्नेश/रलेश/सुरेश)
3.3 दिन-रात रहे हैं, वह देश कौन-सा है? (रो/गा/हँस)
3.4 जिसके अनंत से धरती भरी पड़ी है। (तन/मन/धन)
3.5 पृथ्वी निवासियों को जिसने प्रथम। (बताया/जगाया/भगाया)
4. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखो।
जिसका मुकुट हिमालय, वह देश कौन-सा है?
नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं,
सीचा हुआ सलोना, वह देश कौन-सा है?
अर्थ : इन पंक्तियों में कवि त्रिपाठी जी पूछते है कि वह कौन सा देश है जिसके चरण सदा सागर पखारता रहता है, जिसका मुकुट हिमालय जैसा ऊँचा पर्वत है, जहां की नदियां अमृत सा मीठा जल सदा बहाती रहती है तथा जिसकी भूमि इन नदियों द्वारा सींची जाती है।
5. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ो और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दो।
शिक्षित किया सुधारा, वह देश कौन-सा है?
छोड़ा स्वराज तृणवत् आदेश से पिता के,
वह राम था जहाँ पर वह देश कौन-सा है?
5.1 पृथ्वी के निवासियों को किसने और किस प्रकार जगाया ?
उत्तर : पृथ्वी के निवासियों को भारत के लोगों ने ज्ञान और सभ्यता का दान देकर जगाया।
5.2 'शिक्षित किया सुधारा' इस पंक्ति का क्या आशय है ?
उत्तर : 'शिक्षित किया सुधारा' का अर्थ है कि जब भारत के लोग ज्ञान और विज्ञान में बहुत आगे बढ़े थे उस समय विश्व के अन्य देशों के लोग वनों और पर्वतों पर जंगली पशुओं की तरह रहते थे। उस समय भारत के लोगों ने दुनिया के लोगों को धर्म और संस्कृति की शिक्षा दी और उनकी अज्ञानता दूर किया।
5.3 किसके आदेश से और किसने स्वराज छोड़ा ?
उत्तर : अयोध्या के राजकुमार श्री राम ने अपने पिता दशरथ के आदेश से अयोध्या का अपना राज्य छोड़ दिया।
6. वाक्यों में क्रिया के नीचे रेखा खींचों और पास में लिखो।
6.1 जिसके चरण निरंतर रत्नेश धो रहा है।
6.2 नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही है।
6.3 दिन-रात हँस रहे है। वह देश कौन-सा है?
6.4 मैदान, गिर, वनों में हरियालियां लहकती।
6.5 शिक्षित किया सुधारा वह देश कौन-सा है?
7. बिखरे वर्षों को सजाकर शब्द बनाओ।
च ण र = चरण मु ट कु = मुकुट शि म रो णि = शिरोमणि रा स्व ज = स्वराज व क से = सेवक मै न दा = मैदान
8. कविता में आए संयुक्त वर्ण 'क्ष' युक्त शब्दों को खोजकर लिखो तथा तीन शब्द स्वयं लिखो।
उत्तर : शिक्षित, लक्ष्मण, निष्पक्ष, अशिक्षित, क्षमा, साक्षात।
9. दिए गए शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखो : प्रसून, पर्वत, धरती, सूर्य।
प्रसून : फूल, पुष्प, फूल
धरती : भू. धरा, मही
पर्वत : पहाड़, गिरि, भूधर
सूर्य : रवि, दिवाकर, दिनकर।
10. दिए गए शब्दों का प्रयोग कर वाक्य बनाओ।
सलोना, आनन्दमय, शिक्षित, स्वराज, निष्पक्ष, सेवक
सलोना : भारत वर्ष एक सलोना देश है।
आनन्दमय : भारतवासियों का जीवन आनन्दमय है।
शिक्षित : समाज में सबको शिक्षित होना चाहिए।
स्वराज : स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है।
निष्पक्ष : हमेशा निष्पक्ष बनो।
सेवक : हम सब भारत माता के सेवक है।
11. शब्दों की वर्तनी को सुधारकर लिखो :
स्वरग, चरन, परसून, सिरोमनी, पिरथवी, परथम, परेमी, निस्पछ
उत्तर : स्वरग = स्वर्ग, चरन = चरण, परसून = प्रसून, सिरोमनी = शिरोमणि, पिरथवी = पृथ्वी, परथम = प्रथम, परेमी = प्रेमी, निस्पछ = निष्पक्ष,
12. विशेषण के साथ विशेष्य का सही मिलान करो।
(रेखा खींचकर)
सलोना - प्रसून
न्यायकारी - सपूत
सुन्दर - धन
रसीले - जन
अनंत - देश
सेवक - फल
उत्तर : सलोना - देश, सुन्दर - प्रसून, अनंत - धन, न्यायकारी - जन, रसीले - फल, सेवक - सपूत,
13. सही विकल्प पर सही का चिह्न लगाओ।
13.1 इस कविता में किस देश का वर्णन आया है?
•श्रीलंका •मालदीव •भारत ☑ •बंगलादेश
13.2 सुधा की धारा किसे कहा गया है ?
•सागर •बरसात •तालाब •नदी ☑
13.3 नदियों को सुधा कहने का कारण -
• सब की प्यास बुझाती है •पेड़-पौधों की सिंचाई करती हैं
• खेतों की सिचाई करती हैं • उपर्युक्त सभी ☑
13.4 इस कविता के कवि का नाम क्या है?
• मैथिलीशरण गुप्त •सियारामशरण गुप्त
• रामनरेश त्रिपाठी ☑ • सूर्यकांत त्रिपाठी
13.5 पिता के आदेश से किसने अपना राज्य तिनके के समान समझकर छोड़ दिया ?
•कृष्ण • भरत • लक्ष्मण •राम ☑
13.6 इस कविता में भारत का मुकुट किसे कहा गया है ?
•हिमालय को ☑ • कश्मीर को राम •हिमाचल प्रदेश को • जम्मू को
14. कविता से चुनकर उन पंक्तियों को लिखो जिनका अर्थ नीचे दिया गया है।
14.1 संसार के लोगों को सबसे पहले जागृत करने वाला, शिक्षा प्रदान करने वाला देश कौन-सा है?
उत्तर :
शिक्षित किया सुधारा, वह देश कौन सा है।
14.2 जहाँ अमृत जैसा जल बहाने वाली नदियों के द्वारा सिंचाई होती है, वह कौन-सा देश है?
नदियां जहां सुधा की धरा बहा रही हैं
सींचा हुआ सलोना वह देश कौन सा है।
15. शब्दों के अर्थ लिखो।
सुधा = अमृत, रत्नेश = सागर, लगातार = निरंतर, सपूत = योग्य पुत्र, आज्ञा = आदेश, प्रकृति = कुदरत
16. विलोम शब्द लिखो।
स्वर्ग = नरक, पृथ्वी = आकाश, लगातार = निरंतर, निस्वार्थ = स्वार्थी, शिक्षित = अशिक्षित, सुंगध = दुर्गन्ध
17. निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय और मूल शब्द अलग-अलग करो।
शब्द मूल शब्द प्रत्यय
17.2 निवासियों निवासी यों
17.3 न्यायकारी न्याय कारी
17.4 शिक्षित शिक्षा इत
17.5 हिमालय हिम आलय
18. 'मेरा भारत महान' पर अपनी भाषा में लिखो।
उत्तर : मेरा भारत एक महान देश है। यहाँ पर करोड़ों लोग आपस में मिलजुलकर भाई-भाई की तरह रहते हैं। भारत को प्रकृति ने सब तरह से सम्पन्न बनाया है। यहाँ पर विभिन्न फसलों की कृषि होती है। यहाँ अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है। दुनिया में भारत वर्ष ही सबसे पहले शिक्षित हुआ और इसने पूरे विश्व में ज्ञान का आलोक फैलाया।
19. भारत के नक्शे में स्थित विभिन्न राज्यों के मानचित्रों पर अंकित संख्याओं के अनुसार उनके और उनकी राजधानी का नाम अपनी कापी पर लिखो। अपने राज्य के मानचित्र को अपनी मन पसंद रंग से भरो।
1. जम्मू और कश्मीर श्रीनगर / जम्मू
2. हिमाचल प्रदेश शिमला
3. पंजाब चंडगढ़
4. उत्तराखंड देहरादून
5. हरियाणा / दिल्ली नई दिल्ली
6. सिक्किम गंगटोक
7. अरुणाचल प्रदेश ईटानगर
8. असम दिसपुर
9. नागालैंड कोहिमा
10. मणिपुर इम्फाल
11. मिजोरम आइजोल
12. त्रिपुरा अगरतला
13. पश्चिम बंगाल कोलकाता
14. बिहार पटना
15. झारखंड रांची
16. उत्तर-प्रदेश लखनऊ
17. राजस्थान जयपुर
18. गुजरात गांधीनगर
19. मध्य प्रदेश भोपाल
20. महाराष्ट्र मुंबई
21. छत्तीसगढ़ रायपुर
22. ओड़ीसा भुवनेश्वर
23. तेलंगाना हैदराबाद
24. गोवा पणजी
25. कर्नाटक बेंगलुरु
26. आंध्र प्रदेश अमरावती
27. केरल तिरुवंतपुरम
28. तमिलनाडु पुडुचेरी


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