Class 5 hindi Pathbahar chapter 7 Kabaddi West Bengal Board, कक्षा 5 हिंदी पाठबहार पाठ 7 कबड्डी पश्चिम बंगाल बोर्ड

कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड

पाठ 7
कबड्डी

* विंध्यवासिनी दत्त त्रिपाठी

          1.
आओ खेलें खेल कबड्डी, 
आओ खेलें खेल।
दो टोली में आओ हम सब 
आपस में बँट जाएं; 
खींचें बीच लकीर, और फिर 
इधर-उधर छूट जाएं।

हार-जीत हो भले किसी की 
टूटे कभी न मेल।
आओ खेलें खेल कबड्डी,
आओ खेलें खेल।
"चल कबड्डी आई ला 
तबला बजाई ला
तबला में पैसा 
लाल बगइचा-आ-" 
शब्दार्थ : टोली = दल; लकीर = लाइन; छँट जाएँ = इधर-उधर हो जायें: मेल = प्रेम; बगइचा = बगीचा ।

अर्थ : आओ हम सब मिलकर कबड्डी का खेल खेलें। हम लोग दो दलों में बंट जायें। बीच में एक लकीर खींचकर हम लोग दोनों तरफ हो जायें। हार-जीत जिसकी भी हो, हमारा आपसी मेल बना रहना चाहिए। 'चल कबड्डी.....आ' इस प्रकार की बोली बोलते हुए एक एक पक्ष का एक खिलाड़ी दूसरे पक्ष में लाइन पार कर जाता है।


          2.
जब तक टूटे साँस, न छूटे 
कभी जीत की आस। 
रहते साँस, पहुँचना निश्चित 
है लकीर के पास।

तभी जीत की बात बनेगी, 
नहीं, हार ही हार।
क्षण में कोई मरता है
है कोई जी जाता। 
इसी तरह से खेल-खेल में 
गीत उभरता आता।
शब्दार्थ : आश = आशा; क्षण = अति शीघ्र; उभरता = प्रकट होता।
अर्थ : एक वर्ग का खिलाड़ी सांस टूटने से पूर्व दूसरे वर्ग के खिलाड़ी को छूकर अपनी लाइन के भीतर आना चाहता है। यदि ऐसा होता है तो वह जीत जाता है। कबड्डी के खेल में क्षण-क्षण में खिलाड़ी मरते और जीते हैं और इस तरह खेल खेल में गीत प्रकट होता रहता है।


              3.
कोई कहता, "चल कबड्डी रेता
भगत मेरा बेटा 
भगताइन मेरी जोड़ी-ई ई-"
इसी तरह आपा-धापी में हार-जीत में, 
खेल खतम हो जाता।
धूल झाड़ सब चल देते, फिर 
जुड़ता पावन नाता ।
इम्तिहान है खेल प्रेम का, 
कभी न होता फेल।
आओ खेलें खेल कबड्डी, 
आओ खेलें खेल।
हार किसी की, जीत किसी की, 
घटे न मन का मेल ।

शब्दार्थ : आप-धापी = दौड़-धूपः खतम = समाप्त, पावन = पवित्र, नाता = संबंधः इम्तिहान = परीक्षा, फेल = असफलः धूल झाड़कर = तैयार होना; घटे = कम हो, मेल = बंधन।

अर्थ : कबड्डी के खेल के दौरान जब एक खिलाड़ी दूसरे पाले में जाता है तो विना सांस तोड़े एक निश्चित वाक्य बोलता हुआ खेल खेलता है जैसे "चल कबड्डी आऔर साँस रहते अपने पाले में वापस आने की कोशिश करता है। इस प्रकार कोई टीम जीतती है तो कोई हारती है और खेल समाप्त हो जाता है। सभी अपनी अपनी धूल झाड़कर अपने-अपने घर चल देते हैं। इससे खिलड़ियों के बीच पवित्र संबंध जुड़ता है। काँव के अनुसार खेल प्रेम की परीक्षा है जो कभी असफल नहीं होता है।

  आइए हम सब मिलकर कबड्डी का खेल खेले जिसमें किसी की हार होती है तो किसी की जीत लेकिन एक दूसरे के मन का मेल-जोल कभी कम नहीं होता है।


 अभ्यासमाला  

1. संक्षेप में उत्तर दो।

1.1 कबड्डी प्रायः किस मौसम में खेली जाती है? क्यों?

उत्तर : कबड्डी प्रायः जाड़े के मौसम में खेली जाती है क्योंकि यह इसी मौसम का खेल है। इस मौसम में पसीना नहीं होता और खेलने में मजा आता है।

1.2 कबड्डी के खेल में कितनी टोलियाँ होती हैं? प्रत्येक टोली में कितने खिलाड़ी होते हैं?

उत्तर : कबड्डी के खेल में दो टोलियां होती हैं। प्रत्येक टोली में सात-सात खिलाड़ी होते हैं।

1.3 कबड्डी के खेल की अवधि कितनी होती है?

उत्तर : कबड्डी के खेल की अवधि एक घण्टे की होती है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।

2.1 कबड्डी के खेल में किस बात का विशेष महत्त्व है?

उत्तर : कबड्डी के खेल में खिलाड़ी के स्वास्थ्य का विशेष महत्व है।

2.2 कबड्डी के खेल के खिलाड़ी की कौन-कौन सी विशेषताएं होनी चाहिए?

उत्तर : कबड्डी के खेल के खिलाड़ी को स्वस्थ होना चहिए अर्थात् वह अधिक देर तक सांस रोकने वाला, स्फूर्ति वाला तथा तेज दौड़ने वाला होना चाहिए।

2.3 कबड्डी के खेल में मरने और जीने की क्या शर्ते हैं?

उत्तर : कबड्डी खेलते समय जब कोई खिलाड़ी बोली बोलते हुए लाइन के दूसरे भाग में जाता है और बिना सांस टूटे किसी को छूकर सांस लेते हुए अपने दल में वापस आ जाता है, तो जिसको वह छूकर आता है वह मरा हुआ माना जाता है। यदि वह दूसरे वर्ग में जाता है और पकड़ा जाता और उसकी साँस टूट जाती है, तो वह मरा हुआ माना जाता है।

2.4 इस कविता में कबड्डी के किन-किन बोलों का वर्णन है? कोई बोल अपनी ओर से लिखो।

उत्तर : इस कविता में कबड्डी के बोल हैं (i) ए चल कबड्डी आईला, तबला बजाई ला. तबला में पैसा, लाल बगाइचा-आ। (ii) चल कबड्डी रेता भगत मेरा बेटा, भगताइन मेरी जोड़ी...ई ई..। मेरे बोल चल कबड्डी कबड्डी

2.5 हार-जीत का फैसला कबड्डी के खेल में कैसे होता है?

उत्तर : पुरुषों के लिए एक निश्चित समय में खेल के समाप्त होने पर जिस टोली के अधिक लोग मरते है, वह टोली हार जाती है, और कम मरने वालों की टोली जीत जाती है।

2.6 कबड्डी के खेल वाले मैदान की लम्बाई और चौड़ाई कितनी होती है?

उत्तर : कबड्डी के खेल के मैदान की लम्बाई 13 मीटर एवं चौड़ाई 10 मीटर होती है और बच्चों और महिलाओं के लिए लम्बाई ।। मीटर और चौड़ाई 8 मीटर होती है।

2.7 खेलों के द्वारा कौन सी भावना का विकास होता?

उत्तर : खेलों से आपसी प्रेम की भावना का विकास होता है।

3. कवित की पंक्तियाँ पूरी करो।

जब तक टूटे सॉस, न छूटे
                   कभी जीत की आश।
रहते साँस, पहुँचना निश्चित
                   है लकीर के पास।
इसी तरह आपा-धापी में
                   हार-जीत में, खेल खत्म हो जाता
धूल झाड़ सब चल देते, फिर
                   जुड़ता पावन नाता।


4. बॉक्स से सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो।

4.1 किसी भी खेल में किसी भी टोली का हार जीत निश्चित नहीं होती।

4.2 खेल में हार-जीत का महत्त्व क्षणिक है।

4.3 खेल भाई चारे का पावन नाता है।

4.4 कबड्डी के खेल में सांस के रहते लकीर छूनी चाहिए।

4.5 आजकल सभी जगह आपा-धापी हो गयी है।

5. पढ़ो, समझो और दो-दो नए शब्द जोड़ो।

इ + ड = कबड्डी, हड्डी, फिसड्डी, टिड्डी, गड्डी।

क् + क वक पक्का, मक्का, चक्का, धक्का, हक्का-बक्का।

ग् + ग = ग्ग सुग्गा, सुग्गी, झुग्गी, दुग्गी, तिग्गी।

च् + च व्य वच्चा, कच्चा, सच्चा, गच्चा, चच्चा, जच्चा।

ज् + ज ज्ज मज्जा, लज्जा, छज्जा, सज्जा ।

6. वाक्य बनाओ। 

लकीर, जीत, तबला, टोली, निश्चित, क्षण।

उत्तर : 

(1) लकीर - लकीर के फकीर मत बनो। 

(ii) जीत - जो परिश्रम करते हैं, उनकी जीत अवश्य होती है। (iii)  तबला - तबला बजाओ, गाना गाओ। 

(iv) टोली -कबड्डी में आज मेरी टोली विजयी रही। 

(v) निश्चित -जन्म लेने वाले की मृत्यु-निश्चित है। 

(vi) क्षण - क्षण भर रुको।

7. इस कविता को याद करो और हाव-भाव के साथ कक्षा में सुनाओ। 

विद्यार्थी हेतु 

8. क्या तुमने कबड्डी का खेल खेला है? अपनी कक्षा में दो दल बनाकर खेल की घंटी में इसे खेलो।

विद्यार्थी हेतु 

👉 आठवां पाठ. शहीद भगतसिंह

👉कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड

👉Daily Use 100000+ English and Hindi Sentences






कोई टिप्पणी नहीं: