Path 15 Maine pakshi Uda Diya Class 5 Hindi Pathbahar West Bengal Board, कक्षा 5 हिंदी पाठ 15 मैंने पक्षी उड़ा दिए पश्चिम बंगाल बोर्ड

कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड

 पाठ 15
मैंने पक्षी उड़ा दिए

🏵️रवीन्द्रनाथ टैगोर

  बात मेरे बचपन की है। मैं उन दिनों आठ-नौ वर्ष का बालक ही था। हमारा घर बहुत बड़ा था। आस-पास के कई घरों की छतें एक-दूसरे से सटी हुई थीं। मोहल्ले के लड़के छतों पर पतंग उड़ाते। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों के साथ-साथ उड़ते पक्षी मुझे बहुत भाते। कई बार तो डार की डार उड़ती दिखाई देतीं। ऐसा लगता मानो पक्षी हमारी पतंगों के साथ होड़ लगा रहे हों कि कौन ऊँचा उड़ता है।

 उन दिनों लोगों को अपने घरों में पक्षी पालने का बहुत शौक था। हर घर के बरामदे में एक-दो पिंजरे तो लटके ही रहते। रंग-बिरंगे पक्षी बंद पिंजरों में चीखते-चिल्लाते, पंख फड़फड़ाते रहते। उनकी आवाजें सुनकर मेरा मन बहुत खिन्न हो जाता। मुझे तो नीले आकाश में उड़ते हुए पक्षी ही अच्छे लगते थे।

मेरी मंझली भाभी को भी अपने पड़ोस की सहेलियों की देखा-देखी पक्षी पालने का शौक हुआ। वे कई दिनों से कुछ पक्षी लाने की बात कह रही थीं। मैंने भी सुना तथा मैंने भाभी से विनती की कि वे पक्षियों को न लाएँ। पिंजरे में कैद पक्षी अच्छे नहीं लगते।

मेरी बात भला कौन सुनता ! मैं ठहरा घर का सबसे छोटा बालक ! भाभी चार रंग-बिरंगी चिड़िया और एक नया पिंजरा खरीदकर ले आई। पिंजरे में बैठे चिड़ियों के जोड़े चीख-चिल्ला रहे थे। भाभी हँस-हँसकर पड़ोस की औरतों को रंग-बिरंगी चिड़िया दिखा रही थीं। वे भी हँस-हँसकर उन छोटी चिड़ियों की प्रशंसा कर रही थीं और कह रही थीं, "वाह! कितनी सुंदर चिड़िया हैं।"

यह सब देख मैं बहुत उदास हो गया।

मैंने भाभी से कहा, "आप इन पक्षियों पर अत्याचार कर रही हैं। इन प्राणियों ने आपका क्या बिगाड़ा है जो इन्हें कैद कर पिंजरे में डाल दिया है?"

भाभी ने मुझे डाँटते हुए कहा, "छोटा मुँह बड़ी बात नहीं करते। अपनी उम्र तो देखो! जाओ, छत पर तुम्हारे मित्र पतंग उड़ा रहे हैं। तुम भी उड़ाओ।"

मैं रुआँसा हो गया। सोचने लगा कि कैसे इन पक्षियों को स्वतंत्र करूँ। एक दिन मुझे अवसर मिल ही गया। भाभी अपनी सहेलियों के साथ बाजार गई थीं। मैं बरामदे में गया। पिंजरे का दरवाजा खोला। पक्षी सहम गए। मैंने उन्हें पकड़ा और आसमान में उड़ा दिया।

जब भाभी घर लौटीं तो पिंजरा खाली देख बहुत गुस्सा हुईं। मुझपर स्वयं तो क्रोध किया ही, परिवार के अन्य लोगों से भी मेरी शिकायत की। सबको मेरा यह काम गलत लगा। सबने मुझे डाँटा। पर मैं चुपचाप सुनता रहा क्योंकि मुझे तो पक्षियों को आजाद कर बहुत खुशी मिल रही थी। मैं सोच रहा था, 'काश मैं उन पक्षियों को भी निकाल पाता जो अन्य लोगों के घरों में लटके पिंजरों में बंद थे।' 

रवीन्द्रनाथ टैगोर 

[ जीवन परिचय : विश्व कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर भारत की एक महान् विभूति थे। उनका जन्म 7 मई, 1861 ई. को कोलकाता के जोड़ासाँकू स्थित ठाकुर परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर था। बचपन में रवीन्द्रनाथ ठाकुर की शिक्षा-दीक्षा घर पर हुई। कुछ दिनों तक उन्होंने ओरियण्टल सैमिन सेमिनरी स्कूल, बंगाल एकेडमी और सेट जेवियर आदि स्कूलों में पढ़े, लेकिन स्कूलों में उनकी विरक्ति देखकर उनके पिता ने घर पर ही अंग्रेजी, संस्कृत और बंगला की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी। आगे चलकर उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य का विशेष अध्ययन किया। बचपन से ही रवीन्द्रनाथ की प्रवृत्ति कविता की ओर अधिक थी। धीरे-धीरे उनका रुझान साहित्य के विविध अंर्गों कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि तक पहुँच गया। 1883 ई. में उनका विवाह मृणालिनी देवी के साथ हुआ। 1913 ई. में रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रसिद्ध काव्य कृति गीतांजली के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। रवीन्द्रनाथ ठाकुर की अन्यतम कृतियों में 'बलाका', 'राजा', 'गोरा', आदि प्रमुख है। उनकी कविता 'जन-गण-मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता', आज भारत का राष्ट्रीय गीत है। रवीन्द्रनाथ की विद्वता को देखते हुए कोलकाता, ढाका, और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों ने उन्हें डी. लिट् की उपाधि प्रदान की। उनकी अनुपम एवं महान् कीर्ति शंतिनिकेतन विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होकर विश्वस्तरीय शिक्षा का केन्द्र बना हुआ है। ]

 शब्दार्थ : भाना = अच्छा लगना, होड़ प्रशंसा = बड़ाई, तारीफ, अन्याय = अत्याचार सहम जाना = डर जाना; अन्य = दूसरा बाजी; खिन्न दुखी विनती प्रार्थना, अनुरोध;   शिकायत = निंदा । ; रूआँसा = रोने जैसा; स्वतंत्र = आजादः  

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अभ्यासमाला 

1. संक्षेप में उत्तर दो। 

1.1 मोहल्ले के लड़के छतों पर क्या करते थे? 

उत्तर : मुहल्ले के लड़के छतों पर पतंग उड़ाते थे। 

1.2 लेखक ने किससे पक्षी न लाने की विनती की थी?

उत्तर : लेखक ने अपनी भाभी से पक्षी न लाने की विनती की थी।

1.3 लेखक का मन खिन्न क्यों हो जाता था?

उत्तर : चिड़ियों को पिंजड़े में बन्द देखकर लेखक का मन खिन्न हो जाता था।

1.4 लेखक ने पिंजरे का दरवाजा किसलिए खोल दिया था?

उत्तर : लेखक ने पिंजरे का दरवाजा इसलिये खोल दिया जिससे कि वे उड़ जाये।

1.5 लेखक को किसने डाँटा ?

उत्तर : लेखक को उनकी भाभी ने डांटा।

1.6 पक्षियों को आजाद कर देने के बाद लेखक को क्या मिला?

उत्तर : पक्षियों को आजाद कर देने के बाद लेखक को खुशी मिली।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो

2.1 पक्षियों को उड़ता देखकर लेखक को क्या लगता था?

उत्तर : पक्षियों को उड़ते देखकर लेखक को लगता कि डार के डार उड़ रहे हैं।

2.2 बंद पिंजरे में पक्षी क्या करते रहते थे?

उत्तर : बंद पिंजरे में पक्षी चीखते-चिल्लाते और पंख फड़फड़ाते रहते थे।

2.3 पड़ोस की औरतों ने चिड़ियाँ देखकर क्या कहा?

उत्तर : पड़ोस की स्त्रियों ने चिड़ियों को देखकर कहा 'वाह! कितनी सुन्दर चिड़िया है।'

2.4 भाभी ने लेखक को किस बात के लिए डाँटा?

उत्तर : भाभी ने लेखक को पिंजरा को खोल देने के लिए डांटा।

2.5 अवसर मिलते ही लेखक ने क्या किया ?

उत्तर : अवसर मिलते ही लेखक ने पिंजरें का दरवाजा खोल दिया।

2.6 पक्षियों को आजाद कर लेखक को कैसा लग रहा था?

उत्तर : पक्षियों को आजाद कर लेखक को खुशी हो रही थी।

2.7 लेखक क्या सोच रहे थे?

उत्तर : लेखक सोच रहे थे कि पक्षियों को कैसे आजाद करूँ?

2.8 लेखक ने पक्षी को आजाद कर किस तरह का कार्य किया ?

उत्तर : लेखक ने पक्षी को आजाद कर अच्छा कार्य किया।

2.9 लेखक को पिंजरे में बंद पक्षी अच्छे नहीं लगते थे। इससे लेखक के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?

उत्तर : लेखक को पिंजरे के बन्द पक्षी अच्छे नहीं लगते थे। इससे लेखक के स्वभाव के बारे में यह पता चलता है कि लेखक स्वतंत्रता प्रेमी थे।

2.10 हमे पशु-पक्षियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?

उत्तर : हमें पशु-पक्षियों के साथ दयालुता का व्यवहार करना चाहिए।

3. कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करो

3.1 आस-पास के घरों की खिड़कियाँ एक-दूसरे से सटी हुई थीं।

3.2 मंझली भाभी को पक्षी पालने का शौक हुआ।

3.3 लेखक अपने घर में सबसे छोटा बालक था।

3.4 लेखक के मित्र छत पर पतंग उड़ा रहे थे।

3.5 भाभी ने परिवार के अन्य लोगों से मेरी शिकायत की।

4. सही विकल्प के सामने (√) का निशान लगाओ।

4.1 हर घर के बरामदे में क्या लटके रहते थे?

(i) पतंगे      (ii) पिंजरे [✓]          (iii) पक्षी

4.2 भाभी किनके साथ बाजार गई थीं?

(i) लेखक के साथ         (ii) अपनी सहेलियों के साथ      

(iii) अकेली [✓]

4.3 निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(i) भाभी चार चिड़ियाँ खरीदकर ले आई।  [✓]

(ii) भाभी चार चिड़ियाँ पकड़कर ले आई।

(iii) भाभी चार चिड़ियाँ माँग कर ले आई।

5. निम्नलिखित शब्दों का बहुवचन रूप लिखो।

5.1 पतंग - पतंगों, 5.2 छत - छतों, 5.3 औरत - औरतों, 5.4 पिंजरा - पिंजरों, 5.5 चिड़िया - चिड़ियों,  5.6 सहेली - - सहेलियों

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6. निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी को शुद्ध करके लिखो।

6.1 वचपन - बचपन,   6.2 जोडा - जोड़ा   6.3 बिनती - विनती    6.4 रूँआसा - रुंआसा   6.5 दरबाजा - दरवाजा 6.6 स्वंय - स्वयं   

7. सही विकल्प के सामने (✔) का निशान लगाओ।

7.1 इनमें से कौन-सा समूह समानार्थी शब्दों का समूह है?

(i) पक्षी, पंख, चिड़िया  (ii) पक्षी, चिड़िया, गौरेया  (iii) पक्षी, पंछी, चिड़िया  [✓]

7.2 'छोटी' का विलोम शब्द है

(i) बड़ा              (ii) बड़े              (iii) बड़ी [✓]

7.3 'आकाश में ......... उड़ रहे थे।' इस वाक्य में रिक्त स्थान में भरा जाने वाला शब्द है -

(1) पक्षी [✓]             (ii) पक्षियों                (iii) पक्षियों

8. बिखरे शब्दों को जोड़कर वाक्य बनाओ

8.1 के/लड़के/पतंग उड़ाते/मोहल्ले/पर/छतों।

उत्तर : मोहल्ले के लड़के छतों पर पतंग उड़ाते हैं।

8.2 सुंदर/चिड़ियाँ/वाह!/कितनी/हैं

उत्तर : वाह! चिड़ियाँ कितनी सुन्दर हैं।

8.3 अत्याचार/पर/कर/रही/इन/हैं/पक्षियों/आप।

उत्तर : आप इन पक्षियों पर अत्याचार कर रही हैं।

8.4 दिन/अवसर/मिल/एक/ही/गया।

उत्तर : एक दिन अवसर मिल ही गया।

9. पाठ के क्रियापद वाले शब्दों से दो वाक्य चुनकर लिखो।

उत्तर : वे कई दिनों से कुछ पक्षी लाने की बात कह रही थीं। आप इन पक्षियों पर अत्याचार कर रही है।

10. पाठ से पाँच सर्वनाम शब्द को चुनकर लिखो।

उत्तर : उन, हमारा, उनकी, मुझे, वे।

11. निम्नलिखित शब्द युग्मों का प्रयोगकर वाक्य बनाओ।

उ० रंग-बिरंगी = रंग-बिरंगी चिड़ियां सब का मन मोह लेती हैं।

एक-दूसरे = वनस्पतियाँ एवं जीव-जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर है।

चीखते-चिल्लाते = मार खाकर वह चीखते-चिल्लाते घर भाग गया।

देखा-देखी = देखा-देखी पाप, देखा-देखी पुण्य होता है।

12. निरीक्षण करो।

सुबह जल्दी उठो और अपने आस-पास के किसी बगीचे या पार्क में जाओ। वहाँ देखो कि कितने प्रकार की चिड़ियाँ आती हैं। उनके रूप-रंग आदि के बारे में कक्षा में बताओ।

13. पढ़ो, समझो और जानो।

भाभी ने मुझे डाँटते हुए कहा, "छोटा मुँह बड़ी बात नहीं करते। अपनी उम्र तो देखो। जाओं, छत पर तुम्हारे मित्र पतंग उड़ा रहे हैं। तुम भी उड़ाओ।"
उपरोक्त वाक्य में रंगीन शब्द 'छोटा मुँह बड़ी बात' का अर्थ है अपनी योग्यता से बढ़कर बोलना। यह एक लोकोक्ति है अर्थात् लोक की उक्ति यानी लोगों द्वारा कही गई उक्ति या कथन। मुहावरे वाक्य के अंग होते है. जबकि लोकोक्तियाँ स्वयं में पूर्ण वाक्य होती है। वाक्यों में प्रयोग करते समय इनका रूप नहीं बदलता। इस तरह की कुछ और लोकोक्तियों को जानो। जैसे घर की मुर्गी दाल बराबर, काला अक्षर भैंस बराबर, दूर के बोल सुहावने, साँच को आँच नहीं, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद आदि।







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