15 अगस्त पर निबंध / स्वतंत्रता दिवस पर छोटे बड़े निबंध/ essay in Hindi on 15th August

  हमारा देश भारतवर्ष 15 अगस्त सन् 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। इस आजादी या स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए कई वीरों ने अपनी जान की बाजी लगा दी। प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस अर्थात 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते है और हमारे देश को संबोधित करते हुए भाषण देते हैं। 


अक्सर स्कूली बच्चों (विद्यार्थियों) को स्वतंत्रता दिवस पर निबंध लिखने को दिया जाता है जिससे उनका मानसिक विकास हो सके। इस लेख में हम स्वतंत्रता-दिवस जिसे हम 15 अगस्त के रूप में भी जानते हैं के विषय पर छोटी बड़ी कई निबंध के नमूने लाए हैं जिसे आप पढ़कर एक अच्छा निबंध लिखने का प्रयास कर सकते हैं। यदि निबंध पसंद आए अच्छा लगे तो आपसे एक ही अनुरोध है कि हमारे पेज को अपने मित्रों में अवश्य शेयर करें। 

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कक्षा 1 के विद्यार्थियोंक लिए स्वतंत्रता दिवस पर 5 पंक्तियों का निबंध। 

  1. स्वतंत्रता दिवस प्रति वर्ष  15 अगस्त को मनाया जाता है ।
  2. स्वतंत्रता दिवस पर सभी के लिए राष्ट्रीय अवकाश है।
  3. यह आजादी या स्वतंत्रता हमारे देश को लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद प्राप्त हुआ। 
  4. यह हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, बलिदान और बहादुरी की याद दिलाता है।
  5. हम राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराकर और राष्ट्रगान गाकर स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। 
नमूना 2 

15 अगस्त /स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन 

  1. भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। 
  2. तभी से भारत हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है।
  3. पूरा देश राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाता है।
  4. इस दिन हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का सम्मान करते हैं। 
  5. स्वतंत्रता दिवस हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवकाश है। 
  6. हमारी छुट्टियां होती हैं लेकिन हम झंडा फहराने के समारोह में भाग लेने के लिए स्कूल जाते हैं।
  7. हम राष्ट्रगान गाते हैं और तिरंगे को सलामी देते हैं। 
  8. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद हम घर जाते हैं और टेलीविजन पर राजधानी में होने वाली राष्ट्रीय परेड देखते हैं। 
  9. स्वतंत्रता दिवस हमारे देश की विविध संस्कृतियों का उत्सव भी है। 
  10. लोग देशभक्ति के गीत गाकर और झंडा फहराकर देश के प्रति सम्मान अपना प्रेम प्रदर्शित करते हैं।
नमूना  3 (100 शब्द में)

15 अगस्त / स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 

  भारत में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है। यह एक विशेष दिन है, क्योंकि इसी दिन 1947 में भारत ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ था। इस स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए कई वीरों ने कड़ी मेहनत की और बलिदान दिए। प्रतिवर्ष इस दिन प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और हमारे देश के बारे में भाषण देते हैं। पूरे भारत में विभिन्न संस्कृतियों और पृष्ठभूमियों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग ध्वजारोहण, गायन, नृत्य और परेड के साथ जश्न मनाने के लिए एकत्र होते हैं। यह सभी के लिए भारत का हिस्सा होने पर गर्व और खुशी महसूस करने का दिन है, जो हमारी विविधता में एकता को दर्शाता है। 

नमूना 4 ( 150 शब्द में )

15 अगस्त / स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 

  15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस भी कहा जाता है, क्योंकि भारत इसी दिन 1947 में ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ था। यह वही दिन है, जब हम उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हैं। जिन्होंने हमारी आजादी के लिए संघर्ष किया।
  इसी दिन 1947 में भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। इस दिन के सम्मान में राजधानी, नई दिल्ली में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण समारोह और स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वालों के बलिदान को सम्मान देने से होती है। 
 हमारी स्कूल इस दिन एक कार्यक्रम आयोजित करती है, जिसमें हम अपने झंडो के रंगों के कपड़े पहनते हैं, और मंच पर गीत और नित्य प्रस्तुत करते हैं।
देशभक्ति पर आयोजित भाषण, कविता पाठ और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं, जिनमें बच्चों और बड़ों को उत्साह पूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। तिरंगे हर जगह लहराते हैं, और लोग गर्व से राष्ट्रगान गाते हैं। जिससे पूरा माहौल देशभक्ति की भावना से भर जाता है। सभी के बीच स्वादिष्ट मिठाइयां बांटी जाती हैं, जिससे यह अवसर सभी के लिए और भी अधिक आनंदमय और यादगार बन जाता है। 

 नमूना 5 ( 200 शब्दों में )

15 अगस्त / स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 


   आज से कुछ दिन पहले हमारा देश पराधीन था। यहाँ अंग्रेज राज करते थे, लेकिन 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतन्त्र हो गया। उसी समय से हमारे देश में 'स्वतन्त्रता दिवस' मनाया जाता है।
  यह हमारा राष्ट्रीय त्योहार है, इसलिए प्रतिवर्ष हमारे विद्यालय में भी 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाते हैं। इस दिन सबेरे 8 बजे सभी छात्र-छात्रायें विद्यालय के मैदान में इकट्ठे हो जाते हैं। सभी अध्यापक-अध्यापिकायें भी उपस्थित रहते हैं, तब प्रधानाचार्य महोदय राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं। उस समय सभी एक साथ 'वन्देमातरम्', 'भारतमाता की जय' आदि के नारे लगाते हैं और तिरंगे झंडे को सलामी देते हैं।, परेड होता है।
  इसके बाद शिक्षकों तथा अतिथि महोदय का भाषण होता है। वे स्वतन्त्रता-दिवस का इतिहास बताते हैं। विद्यार्थी राष्ट्रीय कवितायें भी सुनाते हैं। इसके बाद विद्यालय में मिठाई बाँटी जाती है और हमलोग प्रसन्नतापूर्वक घर लौट आते हैं।
   वैसे इस दिन सारे देश में खुशी मनाई जाती है। जगह-जगह उत्सव के साथ झंडा फहराया जाता है। कहीं-कहीं शाम को नाटक, संगीत अथवा कविता पाठ भी होता है।

नमूना 6 (350 शब्दों में)

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध

   दो सौ वर्षों की पराधीनता के बाद 1947 ई० के 15 अगस्त को भारत के कालिमामय आंकाश में स्वतंत्रता के सूर्य का उदय हुआ। इसी दिन सात समुद्र पार से आये अँगरेजों ने अपना बोडिया विस्तर बाँधा और भारत की जनता को सत्ता सीपी। भारत के इतिहास में सदा सदा के लिए 'पंद्रह अगस्त' स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया।

  भारतीयों ने अँगरेज शासकों के विरुद्ध 1857 ई० में ही स्वाधीनता का संग्राम छेड़ दिया था। पूरे भारत में फिरंगियों को भगाने के लिए लोगों ने लोहा लिया था। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, तांत्या टोपे, नाना फडणवीस, वीर कुंवर सिंह सरीखे देशभक्तों ने अँगरेजों के छक्के छुड़ा दिये थे। परंतु संगठित प्रयास, कूटनीतिज्ञता तथा आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों के अभाव के कारण 1857 ई० का विद्रोह' असफल हो गया। इसका विपरीत परिणाम यह हुआ कि भारत पर पूर्ण रूप से ब्रितानिया, सरकार का झंडा फहराने लगा अर्थात् भारत पूरी तरह गुलाम हो गया। यदि संगठित प्रयास होता और संपूर्ण भारतीय जनता की साझेदारी होती तो भारत की स्वाधीनता का संग्राम अवश्य सफल होता है और भारत सी वर्ष पहले स्वतंत्र हो गया होता।

  यद्यपि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम असफल हो गया, तथापि भारत में स्वतंत्रता की धधकती हुई ज्वाला पूरी तरह शांत नहीं हुई। शेष बची चिनगारी ने फिर विस्फोटक रूप धारण किया। दादाभाई नौरोजी, लोकमान्य तिलक, गोखले, आदि नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन की लहर बढ़ती गयी। महात्मा गांधी, डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाषचंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, आदि महान नेताओं ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को तेज कर दिया। सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे महान क्रांतिकारियों ने अपने क्रांतिकारी कार्यों से अँगरेजों की पतलूनें ढीली कर दीं। सुभाषचंद्र बोस ने 'आजाद हिंद फौज' नामक सैन्य संगठन से अंगरेजों की नींद ही हराम नहीं कर दी बल्कि अँगरेजी सत्ता की नींव हिला दी। गांधी जी 1942 ई० में 'करो या मरो' का नारा दे कर स्वतंत्रता की लड़ाई को अंतिम लक्ष्य तक पहुँचा दिया। फलस्वरूप हार कर अँगरेजों को 1947 ई० के 15 अगस्त को भारत छोड़ना पड़ा और विश्व के मानचित्र पर एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत का मानचित्र अंकित हुआ।

  सौ वर्षों के संघर्ष के बाद भारत स्वतंत्र हुआ। असंख्य भारतीय वीरों के अमूल्य बलिदान के बाद भारत को यह सफलता प्राप्त हुई। इसीलिए हम प्रत्येक पंद्रह अगस्त को उल्लासपूर्वक स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं और उस दिन स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प लेते हैं।













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