कक्षा 5 हिन्दी पाठबहार (NOTES) पश्चिम बंगाल बोर्ड
पाठ 20
आकाश वाले दो मित्र
✍️ शैलेंद्र घोष
जीवन परिचय
शैलेन घोष का जन्म 1928 ई. में हुआ था। किशोरावस्था में ही बच्वों की पत्रिका 'माह पहला' में पहली बार कविता छपी। 'अरुण वरुण-किरण माला, नामक शिशु नाटक ने संगीत नाटक आकादमी पुरस्कार पाया। उनके द्वारा रचित बंगला उपन्यास "मितुल नामक पुतुल, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुआ। विभिन्न रचनाओं में उल्लेखनीय बंगला उपन्यास 'आमार नाम दायरा', 'गल्पेर मिनारेर पाखी', 'भूतेर नाम आक्कूश', 'दुई-दुई' इत्यादि है। इसके अलावा उन्होंने असंख्य बाल कहानियाँ, कविताएँ, नाटकों की रचनाएँ की है। 'हाँसी झल मल राजा', 'स्वप्न देखी रूपकथाये, भालोवासी पशुपाखी', 'गल्पेर रंग रकम रकम' आदि उनकी उल्लेखनीय बंगला साहित्य रचनाएँ हैं।
'आकाश वाले दो मित्र' नामक पाठ उनके 'स्वप्न देखी रूपकथाये' नामक पुस्तक से लिया गया है जिसका हिन्दी अनुवाद पाठ में प्रस्तुत है।
अभ्यासमाला
1. संक्षेप में उत्तर दो।
1.1 आसमान को निहारते समय तुम क्या-क्या देखते हो?
उ० आकाश को निहारते समय हमें अधिक ऊँचाई पर बादल और कम ऊँचाई पर चिड़ियां और पतंग उड़ते हुए दिखायी देते हैं।
1.2 आकाश में तुमने क्या-क्या उड़ते हुए देखा है?
उ० मैंने आकाश में पक्षी और पतंग उड़ते हुए देखे हैं।
1.3 कौन-कौन से उत्सव के दिनों में तुम पतंग उड़ते देखते हो?
उ० हम मकर संक्रान्ति और विश्वकर्मा पूजा उत्सव के दिन विशेष रूप से पतंग उड़ते हुए देखते हैं।
1.4 आकाश कैसा रहने पर पतंग उड़ाने में सुविधा होती है? पतंग उड़ाने के समय किन-किन चीजों के द्वारा पतंग तैयार की जाती है? सूते को माँझा बनाने में क्या-क्या लगता है?
उ० आकाश में जब वायु थोड़ी गतिशील होती है तो पतंग उड़ाने में सुविधा होती है।
पतंग तैयार करने में कागज, कपड़ा, लेई और पतली मुड़ने वाली लकड़ी की आवश्यकता होती है।
पतंग तैयार हो जाने पर उसे उड़ाने के लिए माझा से तैयार सूता और लटाई की आवश्यकता होती है। सूते को माझा माझा बनाने में शीशा का चूर्ण, भात और गोद लगता है।
1.5 कौन-कौन सी चीजों के द्वारा पतंग तैयार की जाती है?
उ० कागज, बहुत हल्का कपड़ा, गोंद और मुड़ने वाली बहुत हल्की लकड़ी के द्वारा पतंग तैयार की जाती है।
1.6 'आकाश वाले दो मित्र' कहानी में दो पतंगों ने आपस में बातचीत की है। और दो प्राणियों ने आपस में बात-चीत की है, ऐसी और कोई दूसरी कहानी क्या तुम जानते हो ?
उ• आजकल नये-नये वैज्ञानिक खोजों के आधार पर विभिन्न प्रकार के हवाई जहाज बन रहे है, जिनमें उड़ान भरते समय आकाश में ही तेल भर दिया जाता है, तथा लड़ाई के समय दुश्मनों पर आक्रमण किया जाता है। उनकी बातचीज कुछ इस प्रकार होती है- 'यार फाइटर, मेरा तेल कम हो रहा है, क्या तुम कोई व्यवस्था कर सकते हो ?
दूसरा फाइटर कहता है - 'मुझे भी आगे बढ़ना है, चलो बढ़ते हैं, मैं नीचे खबर कर देता हूँ, दोनों थोड़ा-थोड़ा तेल भर लेते हैं।
दूसरा फाइटर ठीक है जब तक तेल आता है, इधर ही घूमते रहें। तेल आ जाने पर हम दोनों पूरा तेल भरकर आगे निगरानी करेंगे।'
2. नीचे दिए बिखरे वर्णों को सजाकर शब्द बनाओ और लिखो।
ढ़ी टेढ़ी मे - टेढ़ीमेढ़ी स अ हा य - असहाय
प कॉ ठी का - कॉंपकाठी ब हु ते त उ तेरा - बहुतेरा
शब्दार्थः मुलाकात - भेट, प्राण - जान, असंख्य - अनगिनत,, उत्सव - त्योहार, मुस्कान - हँसी असहाय - निरुपाय, जिसका कोई साथी न हो, मेल - मिले होने की अवस्था, मिलाव।
3. 'क' और 'ख' स्तम्भों को मिलाकर लिखो।
उत्तरः क - ख
बाजे - बज रहे हैं।
बच्चे - किचिर-मिचिर करते निकल पड़े।
धरती नित - नई हो रही है।
नदी - बह रही है।
हम बड़े - असहाय है न रे!
फूल - खिला है।
4. सही उत्तर को खोज कर प्रत्येक वाक्य को फिर से लिखो ?
4.1 इस तरह धरती नित (पुरानी/नई) हो रही है।
उ० इस तरह धरती नित नई हो रही है।
4.2 तब हम दोनों मित्र (बंदी/मुक्त) हुए।
उ० तब हम दोनो मित्र मुक्त हुए।
4.3 उनके हाथों वाला सूता ही हमारा (भाग्य/दुर्भाग्य) है।
उ० उनके हाथों वाला सूता ही हमारा भाग्य है।
5. नीचे दिए गये अनुच्छेद को देखो और किन-किन शब्दों में लग रहा है कि कार्य समाप्त हो गया है और किन-किन शब्दों द्वारा लग रहा है, कार्य समाप्त नहीं हुआ है, उन्हें छाँट कर लिखो।
उ० उन्हें दुकान से खरीदकर लाया गया है। उत्सव के दिन उड़ेंगी वे दोनों पतंगे। उसके बाद आकाश में लाट खाते-खाते आपस में वे लड़ेगी। भक-काटा होगा कौन कहाँ जा गिरेगा, इसे कोई जानता नहीं। कोई जा जाकर पेड़ में फंस सकता है अथवा बिजली वाले तारों में, किसी की छत पर लुढ़क सकता है नहीं तो नदी के पानी में। नदी के पानी में डूबते-उतराते उसकी छाती में लगे कॉप-काठी के अलग होते ही, वह फटे कागज का एक टुकड़ा मात्र। तब फिर उसे कोई ताकेगा भी नहीं।
कार्य समाप्त हो गया - लाया गया है। -
कार्य नहीं समाप्त हुआ है। - उड़ेगी, लड़ेंगी, गिरेगा, ताकेगा भी नहीं, फंस जा सकता है, लुढ़क सकता है।
6. चाँदियल और पेटकाटा-कहानी में इन दो पतंगों का नाम जानें। पतंगों के और भी तरह-तरह के नाम होते हैं, छोटे-छोटे दलों में बँटकर कक्षा में बातचीत करके देखो न और कितनों का नाम तुम जानते हो या नहीं। अगर नहीं जान पाए तो स्कूल में या घर में अपने से बड़े लोगों से जान लो, फिर लिखो।
उ० पतंगों के नाम एक रंगा, दो रंगा, तीरंगा, पेट कटा आदि।
7. पतंगों के पेंच की लड़ाई में एक अद्भुत बात मिली है। कहानी मनुष्य के रूप में दोनों दल ही हारे हैं, पतंगों की इच्छाशक्ति और मेल कारण वे दो जीते हैं। क्या तुमने कभी पतंगों के बीच लड़ाई देखी है? वास्तव में ऐसी अद्भुत बातें लेकिन देखी नहीं जाती। वास्तव में ऐसी लड़ाई में जो होता है, उसे चार-पाँच वाक्यों में लिखो ?
उ० मैंने अपने जीवन में अनेक बार पतंगों की लड़ाई देखी है। एक पतंग जब लगातार आगे बढ़ती जाती है तो दूसरी पतंग उड़ाने वाला चाहता है कि अपने पतंग की डोरी से पहले पतंग की डोरी को ऊपर नीचे रगड़ कर के काट दे। इस स्थिति में पहली पतंग उड़ाने वाला अपने पतंग को हटाकर डोरी को दूसरी जगह कर देता है। इस प्रकार पतंग उड़ाने वाले एक दूसरे पर आक्रमण करते रहते हैं।
8. चाँदियल और पेटकाटा इन दोनों पतंगों ने आकाश में धरती को निहारते हुए आपस में बहुत सी बातें की हैं। सोचो, तुम भी आकाश में उड़ते जा रहे हो, तुम्हारा मित्र भी तुम्हारे साथ है। आकाश से धरती को देखते समय कौन-कौन सी बातें तुम दोनों करोगे, उसे लिखो ?
उ ॰ यदि हम दो मित्र आकाश में साथ-साथ उड़े तो इस प्रकार बात करेंगे-
पहला मित्र - यार नीचे से जिस आकाश को हम नीला देखते थे, वह तो रंगहीन है।
्दूसरा मित्र- यह बात ठीक है। देखो सामने उड़ती हुयी चिड़ियों की कतार, पास से देखने पर सुन्दर दिखती है।
पहला मित्र - जरा नीचे तो देखो, जो नदी नीचे से देखने में चौड़ी थी, अब बहुत पतली दिखाई दे रही है।
दूसरा मित्र - और बड़े-बड़े पेड़ छोटे पौधों की तरह दिख रहे हैं।
पहला मित्र -चलो थोड़ा और ऊपर चलते हैं।
दूसरा मित्र - चलो आज नील गगन से कुछ बात करें।
9. शब्दों के अर्थ लिखो असहाय, खुशी, मित्र, खतरा।
उ० असहाय = जिसका कोई सहारा न हो। खुशी = आनन्द। मित्र बंधु। खतरा = संकट।
10. समानार्थक शब्द लिखोः नदी, आकाश, पेड़, मित्र समुद्र।
उ० नदी = सरिता, आकाश = आसमान, पेड़ = वृक्ष, मित्र = दोस्त, समुद्र = सागर
11. विपरीतार्थक शब्द लिखो चिल्लाना, खुशी, ठीक, असहाय, ठंडा।
उ० चिल्लाना = शान्त रहना, खुशी दुःख, ठीक बेकार, असहाय सहायक, ठंडा = गर्म।
12. वाक्य बनाओ मित्रता, आँख, दया, भक-काटा, आनंद।
उ० मित्रता बड़ा अनमोल रत्न है। आँख शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। गरीबों पर दया करो। भक-काटा मेरी पतंग का नाम है। आनन्द से रहो।
13. कौन वाक्य कैसा है लिखो (एक बना दिया गया है) :
13.1 मन ही मन बोलेंगे, वाह ! विस्मयादिबोधक
13.2 तुमने कैसे जाना ? प्रश्नवाचक
13.3 बर्फ बहुत ठंडी है। विधानार्थवाचक
13.4 जानता है केवल आकाश! विस्मयादिबोधक
13.5 अपनी माँ से खाना माँग रहे है। विधिवाचक
14. कौन किस प्रकार का शब्द है टोकरी से छाँटकर लिखो। देखा, बड़ा, प्राण, नया, के, ठंडा, हरा, सोचना, बहुत, मुक्त, कोई, सूता, जो, लड़ाइ, और, रखना, वह बुलाना, रक्षा, खिंचाव, उसका, हम।
15. क्रिया के नीचे रेखा खींचो।
15.1 नदी टेढ़ी-मेढ़ी बहती जा रही है।
15.2 आकाश में लहराते जा रहे है।
15.3 वो दोनो पतंगें एक साथ उखड़ गईं।
15.4 खाना मांग रहे हैं माँ से।
15.5 रोज असंख्य प्राणी जन्म ले रहे हैं?
शैलेन घोष (जन्म 1928) : किशोरावस्था में ही बच्चों की पत्रिका 'माह पहला' में पहली बार कविता छपी। 'अरुण, वरुण-किरण माला' नामक शिशु नाटक ने संगीत नाटक आकादमी पुरस्कार पाया। उनके द्वारा रचित बांग्ला उपन्यास-'मितुल नामक पुतुल' राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मनित। विभिन्न रचनाओं में उल्लेखनीय बांग्ला उपन्यास हैं 'आमार नाम टायरा', 'गल्यैर मिनारेर पाखी', 'भूतेर नाम आक्कूश', 'दुई-दुई' इत्यादि। इसके अलावा उन्होंने असंख्य बाल कहानियाँ, कविताएं, नाटकों की रचनाएं की हैं। 'हाँसी झल मल राजा' 'स्वप्न देखी रूपकथायें', 'भालोवासी पशुपाखी', 'गल्पेर रंग रकम रकम' आदि उनकी उल्लेखनीय बांग्ला साहित्य रचनाएं है। 'आकाश वाले दो मित्र' नामक पाठ उनके स्वपन देखी रूपकथाय नामक पुस्तक से ली गई है। जिसका हिन्दी अनुवाद पाठ में प्रस्तुत है।
16.1 'अरुण-वरुण' किरण माला' पुस्तक किनके द्वारा लिखी गई है?
उ० 'अरुण-वरुण किरण माला' पुस्तक शैलेन घोष द्वारा लिखी गयी है।
16.2 उनके द्वारा रचित अन्य दो पुस्तकों का नाम लिखो ?
उ० शैलेन घोष द्वारा रचित अन्य दो पुस्तकों के नाम है मितुल नामक पुतुल, आमार नाम टायरा।
16.3 तुम्हारा पाठ 'आकाश वाले दो मित्र' कहानी किस पुस्तक से ली गई है?
उ० 'आकाश वाले दो मित्र' नामक कहानी शैलेन घोष द्वारा रचित 'स्वप्न देखी रुपकथायि नामक पुस्तक से ली गयी है।
17. नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर अपनी भाषा में लिखो।
17.1 कहानी में प्रकृति का विचित्रता से भरा सुन्दर रूप कैसे खिल उठा है?
उ० प्रस्तुत कहानी में प्रकृति की विचित्रता का वर्णन बड़े सुन्दर शब्दों में हुआ है। बीजों से पौधों का जन्मलेना, अंडों से चिड़ियों के बच्चे का जन्म, उनका मां से खाना मांगना और आकाश में उड़ना आदि का वर्णन बड़ा ही सजीव है।
17.2 पेटकाटा और चाँदियल की भेंट किस प्रकार हुई? उनमें मित्रता कैसे हुई?
उ० पेटकाटा और चॉदियल की मुलाकात आकाश में उड़ते समय हुई। दोनों को जब अपना भविष्य कष्टमय लगने लगा तो दोनों ने एक होकर रहने का निश्चिय किया। इस प्रकार दोनों में मित्रता हो गयी।
17.3 मित्रता को अटूट रखने के लिए उन्होंने कौन-सा निर्णय लिया?
उ० मित्रता को अटूट रखने के लिए उन्होंने एक होकर रहने का निर्णय लिया।
17.4 उनकी योजना अंततः किस तरह सफल हुई ?
उ० दोनों एक दूसरे से प्रेम से लिपट गये और एक होकर मजबूत हो गये। सूते की डोर से अलग हो गये। इस प्रकार उनकी योजना सफल हुई।
17.5 कहानी में किस तरह आकाश दोनों का मित्र बना?
उ० जब दोनों मित्र एक दूसरे से मिलते-मिलते मजबूत हो गये और सूते से उखड़ गये तो दोनों खुले आकाश का मजा लेने लगे और आकाश दोनों का मित्र बन गया। अब उन दोनों पर किसी का नियंत्रण नहीं रहा।
18. आकाश में दो पतंगें आस-पास उड़ रही हों ऐसा एक चित्र बनाकर उसमें अपनी इच्छानुसार रंग भरो।
उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें



