गणतंत्र दिवस पर भाषण / Republic Day par speech Hindi mein
गणतंत्र दिवस भारत में हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय पर्व है, जो सन् 1950 में इसी दिन भारत के संविधान को अपनाने और देश के पूर्ण रूप से गणतंत्र बनने का प्रतीक है। इस वर्ष 2026 मैं हम 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। इसी दिन से भारत का शासन ब्रिटिश कानून के बजाय अपने संविधान के अनुसार चलने लगा, जिसने भारत को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य में बदल दिया। हर साल इस दिन को प्रत्येक स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यों एवं विभिन्न संस्थाओं में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस पोस्ट के माध्यम से गणतंत्र दिवस के लिए भाषण के नमूने दिए गए हैं जिसे आप अपने कार्यक्रम के लिए उपयोग में ले सकते हैं तो चलिए शुरू करते हैं।
👉 सोशल मीडिया वरदान या अभिशाप पर निबंध
26 जनवरी पर शायरी
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अपनी आजादी को हम,
हरगिज मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन,
सर झुका सकते नहीं।
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आओ झुककर सलाम करें उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है।
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काँटों में भी फूल खिलाएँ,
इस धरती को स्वर्ग बनाएँ,
आओ सबको गले लगाएँ,
हम गणतंत्र का पर्व मनाएँ।
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पानी न हो तो नदियाँ किस काम की,
आँसू न हो तो आँखें किस काम की,
दिल न हो तो धड़कन किस काम की,
अगर हम वतन के काम न आए
तो यह जिंदगी किस काम की।
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• ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो यही है कि हम हिंदुस्तानी हैं।
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• जो अब तक न खौला खून नहीं है पानी है,
जो देश के काम न आए वो बेकार जवानी है।
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• पानी न हो तो नदियाँ किस काम की,
आँसू न हो तो आँखें किस काम की,
दिल न हो तो धड़कन किस काम की,
अगर जिंदगी वतन के काम न आए
तो यह ज़िंदगी किस काम की।।
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• तैरना है तो समंदर में तैरो,
नदी - नालों में क्या रखा है।
प्यार करना है तो वतन से करो,
इन बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है।
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जय हिंद अपने दोस्त, भाइयों, बहनों,
बच्चों सभी को भेज दीजिए।
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26 जनवरी (गणतंत्र दवसप)र नारे
1. गली-गली में नारा है, हिन्दुस्तान हमारा है।
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2. जब तक सूरज चाँद रहेगा, हिन्दुस्तान का नाम रहेगा।
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3. कश्मीर से कन्या कुमारी, भारत माता एक हमारी ।
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4. एक-दो-तीन-चार, भारत माता की जय-जयकार ।
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5. इंकलाब का नारा है, भारत देश हमारा है।
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6. गणतन्त्र दिवस आया है, राष्ट्रभक्ति का दिन लाया है।
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7. आओ सब मिलकर तिरंगा लहराएं, आज अपना गणतन्त्र दिवस मनाएं।
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गणतंत्र दवस (26 जनवरी) पर कविता
चलो चलें उस राह पर,
जहाँ वतन की शान है।
तिरंगा लहराएं आसमाँ में,
यही हमारी शान है।
वीरों का बलिदान यहाँ,
माटी की पहचान यहाँ।
हर बूंद में बसता है,
भारत माँ का मान यहाँ।
चलो मिटाएँ हर अँधेरा,
ज्ञान का दीप जलाएँ।
अपने भारत को फिर से,
सोने की चिड़ियाँ बनाएँ।
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तिरंगा
अपना ध्वज देखो फहराया।
पवन के झोंकों से लहराया।
तीन रंग से बना तिरंगा ।
लगता सब के मन को चंगा ,
सब की आंखों में गहराया।
श्वेत केसरी हरे रंग में।
अशोक चक्र भी है संग में।
देश प्रेम का भाव जगाया।
मेरा सबका स्वाभिमान ये,
तन के अंदर जैसे प्रान ये,
अमन प्रेम का पाठ पढ़ाया।
नत मस्तक हो जयहिंद करें।
इस की खातिर जियें मरें।
विश्व में देश का मान बढ़ाया।
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26 जनवरी पर कविता
प्यारा-प्यारा मेरा देश,
सबसे न्यारा मेरा देश ।
दुनिया जिस पर गर्व करे,
ऐसा सितारा मेरा देश ।
चाँदी सोना मेरा देश,
सफल सलोना मेरा देश।
गंगा जमुना की माला का,
फूलों वाला मेरा देश ।
आगे जाए मेरा देश,
नित नए मुस्काएं मेरा देश ।
इतिहासों में बढ़-चढ़कर,
नाम लिखाएं मेरा देश ।
जय हिन्द !
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अपना देश
अपना देश निराला है,
कोई गोरा, कोई काला है।
पर आपस में प्यार है,
सुंदर-सुंदर त्योहार है।
यहाँ हर बच्चा वीर है,
शक्ति की तस्वीर है।
देश का नाम है हिन्दुस्तान,
हम सब हैं इसकी संतान
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26 जनवरी पर कविता
भारत की आन है तिरंगा,
भारत की आन है तिरंगा,
भारत की शान है तिरंगा ।
भारत की जान है तिरंगा,
भारत का सम्मान है तिरंगा।
तीन रंगों का प्यारा तिरंगा,
सारे जहां में लहराए तिरंगा।
शहीदों का कफन है तिरंगा,
सबके मन में लहराए तिरंगा ।
हर भारतीय की जान तिरंगा,
पूरे भारत में लहराए तिरंगा ।
भारत की आन है तिरंगा,
भारत की शान है तिरंगा।
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हम नन्हें- मुन्हें बच्चे हैं !
हम नन्हें- मुन्हें बच्चे हैं,
दाँत हमारे कच्चे हैं।
दिल के हम सच्चे हैं,
वादों के हम पक्के हैं।
हम भी सरहद जायेंगे,
सीने पे गोली खायेंगे।
मर जायेंगे, मिट जायेंगे,
देश की शान बढ़ायेंगे।
हम नन्हें-मुन्हें बच्चे हैं,
दाँत हमारे कच्चे हैं।
जय हिन्द !
गणतंत्र दिवस पर 10 लाइन में भाषण (नमूना 1)
1. गणतन्त्र दिवस एक महान दिन है।
2. यह 26 जनवरी को मनाया जाता है।
3. यह भारत का एक राष्ट्रीय त्योहार है।
4. यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है।
5. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।
6. संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है।
7. हमे अपने संविधान का सम्मान करना चाहिए।
8. इस दिन भारत का राष्ट्रपति झण्डा फहराते हैं।
9. हम यह दिन बहुत खुशी से मनाते है।
10. गणतन्त्र दिवस हमें शांति और एकता से रहना सिखाता है।
11. इस दिन पूरे देश में हर जगह खुशिया मनाई जाती है।
गणतंत्र दिवस पर 10 लाइन में भाषण (नमूना 2)
- आदरणीय मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य ज सभी शिक्षकों अभिभावकों और मेरे प्रिय सहपाठियों 🙏
- आज हम यहां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं जो भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।
- आज ही के दिन, 26 जनवरी सन् 1950 को भारत अपने संविधान को लगू कर एक गणतंत्र राष्ट्र बना।
- भारत का संविधान हम सभी भारतवासियों को शांतिपूर्वक एक साथ रहने का अधिकार और दायित्व प्रदान करता है।
- यह (संविधान) हमें समता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों को सीखना हैं।
- गणतंत्र दिवस हमें एकजुट रहने और अपने दश की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देता है।
- हमारे सैनिक, किसान और नेता हमारे राष्ट्र के लिए अथक परिश्रम करते हैं, जिनका हमें हमेशा सम्मान करना चाहिए।
- आइए हम सब जिम्मेदार नागरिक बनने और भारत को गौरवान्वित करने का संकल्प करें।
- एक बात याद रखें कि हम सब एक महान देश का भविष्य है।
- इसके साथ ही सभी को गणतंत्र दिवस की 77वें वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद!
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👉 स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री
गणतंत्र दिवस पर 10 लाइन में भाषण
(नमूना 3)
1-आप सभी को मेरा नमस्कार ।
2-मेरा नाम .......... है।
3-आज 26 जनवरी है।
4-आज हम गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।
5- आप सभी को मेरी ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
6. गणतंत्र दिवस हमारे देश का राष्ट्रीय पर्व है।
7- 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ।
8 - संविधान हमारे देश का सर्वोच्च कानून है। हमें अपने संविधान का सम्मान करना चाहिए।
9 - मै अपने देश से बहुत प्यार करता हूॅं।
10 - मुझे भारतीय होने पर गर्व है।
॥ जय हिन्द, जय भारत ॥
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26 जनवरी पर भाषण
माननीय मुख्य अतिथि, आदरणीय शिक्षकगण और मेरे प्यारे देशवासियों,
आज हम यहाँ भारत का 77 वाँ गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए एकत्रित हुए है। यह हमारा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। इस पावन अवसर पर आप सभी को गणतंत्रत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
साथियों, 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ लेकिन देश को शासन व्यवस्था को चलाने के लिए हमारे पास अपना संविधान नहीं था। ऐसे में तब एक संविधान सभा का गठन किया गया और संविधान बनाया गया । 26 जनवरी 1950 में भारत देश ने अपना संविधान लागू किया । हमारे देश का संविधान पूरे विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इस महान संविधान ने हमें अपने हक और अधिकारों के लिए लड़ने की ताकत दी है। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी को संविधान का जनक मना जाता है। हमें हमेशा अपने संविधान का सम्मान करना चाहिए।
जय हिन्द, जय भारत !
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 4)
आदरणीय मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य जी, सभी शक्षकगण एवं मेरे सभी साथियों .....
आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं ।
भाषण शुरू करने से पहले मैं कुछ पंक्तियां कहना चाहता हूं।
"ना पूछो जमाने से कि क्या हमारी कहानी है?,
हमारी पहचान तो यह है कि हम हिंदुस्तानी हैं ।"
आज 26 जनवरी है। यह दिन हमारे लिए गर्व का दिन है क्योंकि इसी दिन हमारे देश को अपना संविधान मिला था। संविधान वह है, जो हम सबको बराबरी का हक देता है और हमें एकता के सूत्र में बांधता है। संविधान के निर्माता डॉ• भीमराव अंबेडकर जी ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है।
आज हम उन महापुरुषों को भी नमन करते हैं जिन्होंने हमें आजादी दिलाई और एक बेहतर राष्ट्र का सपना देखा। महात्मा गांधी, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नायकों के बलिदान के कारण ही आज हम एक स्वतंत्र लोकतंत्र में सांस ले रहे हैं।
सिर्फ झंडा फहराना ही काफी नहीं है। हमें समाज में पहले बुराइयों को मिटाना होगा। समाज के लोगों को शिक्षा के महत्व को समझना होगा और एक दूसरे के प्रति सम्मान रखना होगा।
अंत में मैं बस इतना ही कहूंगा कि हम भारत के बच्चे ही देश का भविष्य है अगर हम अच्छे बनेंगे तो हमारा देश अपने आप महान बनेगा ।
जय हिंद जय भारत
गणतंत्र दिवस (नमूना 5)
आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, प्रधानाचार्यजी, सभी शिक्षकगण, प्रस्तुत अभिभावकगण और मेरे प्रिय सहपाठी ....
आप सभी को सुप्रभात। अपने शब्दों को रखने से पूर्व मैं आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूं यदि मुझसे कुछ त्रुटि हो जए ।
आज हम अपने देश का 77वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे भारत के संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बनने के सफर की स्मृति उजागर करता है। सन् 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था, जिसने हमें स्वशासन की शक्ति प्रदान की और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की नीव रखी। यह समय अत्यंत गौरव और जिम्मेदारी का क्षण था, जिसने हमारे राष्ट्र के भविष्य को हमेशा के लिए बदल दिया ।
गणतंत्र दिवस महज एक उत्सव नहीं है। यह न्याय, स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व के उन मूल्यों को श्रद्धांजलि है, जो हमारे संविधान में गहराई से निहित है। इस संविधान रूपी महाग्रंथ को डॉ• भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू जैसे दूरदर्शी नेताओं द्वारा तैयार किया गया। यह दस्तावेज मात्र एक कानूनी पाठ नहीं है। यह एक वचन है। अधिकारों, कर्तव्य और भाषा-धर्म तथा क्षेत्र से परे एकता का वचन। आज हम किसी राजा या विदेशी शक्ति के अधीन नहीं है। हम एक ऐसे कानून द्वारा निर्देशित हैं जो हमारा है, हमारे द्वारा लिखा गया है और भारत की जनता के लिए बनाया गया है।
गणतंत्र दिवस हमें गर्व का अवसर तो देता ही है। साथ ही साथ हमें अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने का भी आह्वान कराता है। हमारे राष्ट्र के युवा, नागरिकों के रूप में हमारे पास भविष्य को आकार देने की शक्ति है। हमारा भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी अच्छी तरह सीखते हैं। दूसरों के साथ कितना अच्छा व्यवहार करते हैं और सही के लिए कितनी बहादुरी से खड़े होते हैं। चाहे हम शिक्षक बने, वैज्ञानिक बने, सैनिक बने या कलाकार बने, महत्वपूर्ण यह है कि हम सबसे पहले एक सच्चा इंसान बने और हमेशा जिम्मेदार भारतीय बने रहे।
आइए आज के दिन हम उन नेताओं को धन्यवाद दें। जिन्होंने हमें स्वतंत्रता और उज्जवल भविष्य की दिशा प्रदान की। आइए उन सैनिकों का सम्मान करें जो आज भी उस स्वतंत्रता की रक्षा कर रहे हैं, आइए उन अन्नदाताओं किसने का सम्मान करें जो हम भारतवासियों के भूख को संतुष्ट करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात लिए हम स्वयं से एक मौन प्रतिज्ञा करें, ईमानदारी से जीवन जीने की, एक दूसरे से सम्मान-पूर्वक व्यवहार करने की और साहस से सच बोलने की।
आज मुझे इस मंच के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मुझे इस महान देश का नागरिक होने पर गर्व है। जय हिंद जय भारत।
गणतंत्र दिवस भाषण (नमूना 6)
सभी उपस्थित जनों को सुप्रभात,
आज, हम गर्व और खुशी के साथ अपना गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहां आए हैं।
गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।
यह दिन एक गणतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के जन्म का प्रतीक है, जहां हमें अपने नेताओं को चुनने और अपने कानून बनाने की स्वतंत्रता है। हमारा संविधान हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार देता है।
हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों जैसे महात्मा गांधी, भगत सिंह और कई अन्य लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
इस दिन हम राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, राष्ट्रगान गाते हैं और अच्छे नागरिक बनने का संकल्प लेते हैं।
आइए हमेशा अपने देश का सम्मान करें और भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें।
सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ!
- जय हिंद जय भारत!
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 7)
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय या महोदय, आदरणीय शिक्षकगण, और मेरे प्रिय साथियोआप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज का यह पावन दिन हमें याद दिलाता है कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाकर स्वयं को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि कर्तव्य, संकल्प और आत्मगौरव का दिन है। हमारे महान कवियों ने देशप्रेम की भावना को शब्दों में ढालकर हमारी आत्मा को झकझोरा है।
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की अमर वाणी-"वन्दे मातरम् ! सुजलां सुफलां, मलयज शीतलाम्..."
हर भारतीय के हृदय में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण जगा देती है। रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की ओजस्वी पंक्तियाँ हमें जाग्रत करती हैं-
"समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध।" ये पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि देश के प्रति उदासीन रहना भी अपराध है।
सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस से भरी पंक्तियाँ-"खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झाँसी वाली रानी थी।" नारी शक्ति और बलिदान का अमर उदाहरण हैं। और रवीन्द्रनाथ टैगोर की कामना-"जहाँ मन भय से मुक्त हो और मस्तक ऊँचा हो..."
एक ऐसे भारत का स्वप्न दिखाती है, जहाँ स्वतंत्रता केवल शब्द नहीं, जीवन का मूल्य हो। साथियो, हमारा संविधान हमें अधिकार देता है, पर साथ ही कर्तव्यों का बोध भी कराता है। आज आवश्यकता है कि हम ईमानदारी, परिश्रम, अनुशासन और एकता को अपनाकर देश को और अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएँ।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि-हम जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर भारत माता की सेवा करेंगे, संविधान का सम्मान करेंगे, और अपने कर्मों से देश का नाम रोशन करेंगे। अंत में, इन्हीं शब्दों के साथ-जय हिंद !
वंदे मातरम् !
भारत माता की जय !
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 8)
आदरणीय मुख्य अतिथि, प्रधानाध्यापक जी, सभी शिक्षकगण एवं मेरे सभी साथियों..
आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भाषण शुरू करने से पहले मैं कुछ पंक्तियां कहना चाहता हूँ-
"ना पूछो जमाने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं।"
आज 26 जनवरी है। यह दिन हमारे लिए गर्व का दिन है। क्योंकि इसी दिन हमारे देश को अपना संविधान मिला था। संविधान वह है जो हम सब को बराबरी का हक देता है और हमें एकता के सूत्र में बांधता है। संविधान के निर्माता डा० भीम राव अम्बेडकर ने, हमें एक ऐसा संविधान दिया जो हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है।
आज हम उन महापुरुषों को भी नमन करते हैं जिन्होंने हमें आजादी दिलाई और एक बेहतर राष्ट्र का सपना देखा। महात्मा गांधी भगत सिंह और सुभाष चन्द्र बोस जैसे महान नायकों के बलिदान के कारण ही आज हम एक स्वतंत्र लोकतंत्र में साँस ले रहे हैं।
सिर्फ झण्डा फहराना ही काफी नहीं है हमें समाज में फैली बुराइयों को मिटाना होगा। शिक्षा के महत्व को समझाना होगा। और एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना होगा।
अंत में मैं बस इतना ही कहूँगा कि हम भारत के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। अगर हम अच्छे बनेगे तो हमारा देश अपने आप महान बनेगा।
- जय हिन्द ! जय भारत !
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 9)
आदरणीय प्रधानाध्यापक जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे सहपाठियों, आज हम एक ऐसे पर्व पर एकत्रित हुए हैं जो हमारे देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र का प्रतीक है।
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वह दिन है जब 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संपूर्ण गणराज्य बना। इसी दिन हमने अपने देश के लिए अपने संविधान को अपनाया और लोकतंत्र की दिशा में पहला कदम बढ़ाया।
हमारे संविधान में हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय की नींव दी गई। यह हमें याद दिलाता है कि हम सभी नागरिकों को अपने अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
आज का दिन हमें यह भी सिखाता है कि हमारी आजादी और लोकतंत्र की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें अपने देश को समृद्ध, सुरक्षित और सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिए।
हूँ कि अंत में मैं बस इतना कहना चाहता
"देशभक्ति सिर्फ जश्न मनाने में नहीं,
बल्कि देश के लिए कुछ करने में है।"
जय हिन्द ! जय भारत!
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 10)
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित अतिथिगण, मेरे शिक्षक साथियों एवं प्यारे विद्यार्थियों, आज का दिन हमें याद दिलाता है कि भारत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि संविधान से चलने वाला एक जीवंत राष्ट्र है। 26 जनवरी 1950 को हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की पहचान भी मिली।
प्रिय विद्यार्थियों, देश का भविष्य आप ही हैं। किताबों से ज्ञान लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है संविधान के मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारना। सच बोलना, नियमों का पालन करना, दूसरों का सम्मान करना और देश के लिए ईमानदारी से काम करना ।
एक अध्यापक के रूप में मैं आपसे यही कहना चाहूँगा कि अच्छा नागरिक बनना ही सच्ची देश-भक्ति है। छोटे-छोटे कर्तव्यों को निभाकर ही हम एक मजबूत भारत का निर्माण कर सकते हैं।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम यह, संकल्प लें कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और संविधान की गरिमा बनाए रखेंगे।
जय हिंद ! जय भारत
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 11)
आदरणीय प्रधानाध्यापक महोदय, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा नमस्कार ।
आज हम सभी यहाँ गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इसी दिन 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ और भारत एक गण-तंत्र देश बना।
डॉ० भीमराव अंबेडकर जी ने कहा था-संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। हमारे संविधान ने हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी सीख दी। यह हमें सिखाता है कि हम सब बराबर हैं।
महात्मा गांधी ने हमें सिखाया कि देशभक्ति केवल भाषण देने से नहीं, बल्कि अच्छे कर्म करने से दिखाई देती है। जब हम सच बोलते हैं, नियमों का पालन करते हैं, बड़ो का सम्मान करते हैं और छोटों से प्यार करते हैं, तब हम सच्चे देशभक्त बनते हैं।
डॉ० ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी ने हमें सीख दी कि सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। उन्होंने हमें मेहनत करने, बड़ा सोचने और अपने लक्ष्य पर विश्वास रखने की प्प्रेरणा दी। उनका मानना था कि बच्चे अगर ईमानदारी और लगन से पढ़ाई करें, तो देश अपने आप मजबूत बन जाता है।
आइए इस पावन अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम सच्चाई, अनुशासन और मेहनत के रास्ते पर चलेंगे और भारत को आगे बढ़ाएंगे।
- जय हिंद! जय भारत !
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 12)
सभी को सुप्रभात,
आज, हम गर्व और खुशी के साथ अपना गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।
यह दिन एक गणतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के जन्म का प्रतीक है, जहां हमारे पास अपने नेताओं को चुनने और अपने देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति है।
गणतंत्र दिवस पर, हम अपने महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों जैसे महात्मा गांधी, भगत सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस और कई अन्य लोगों को याद करते हैं जिन्होंने भारत को एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने के लिए अपना जीवन और प्रयास दिया।
हमारा संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। यह हमारे मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है और हमें शांति और सद्भाव से रहने के लिए मार्गदर्शन करता है।
इस दिन, हम अपने तिरंगे झंडे को आसमान में फहराते हैं, राष्ट्रगान गाते हैं और भारत के जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ लेते हैं। आइए हमेशा अपने देश का सम्मान करें, अपने संविधान का पालन करें और भारतीय होने पर गर्व करें। आइए भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के लिए मिलकर काम करें। आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ!
🇮🇳🙏जय हिंद! वंदे मातरम् 🙏🇮🇳
गणतंत्र दिवस पर भाषण (नमूना 13)
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियो, आप सभी को मेरा सादर प्रणाम।
आज हम सभी यहाँ भारत के गौरवशाली पर्व गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। 26 जनवरी 1950 का यह ऐतिहासिक दिन हमें याद दिलाता है कि भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, लोकतांत्रिक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष गणराज्य बना।
भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा और शक्ति है। यह हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। संविधान ने भारत जैसे विविधताओं से भरे देश को एकता और अखंडता के सूत्र में बाँधे खा है। अलग-अलग भाषाएँ, धर्म, वेशभूषा होते हुए भी हम सब पहले भारतीय हैं। हम आज राज जिस स्वतंत्र भारत में साँस ले रहे हैं, वह असंख्य बलिदानों का परिणाम है। भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और महात्मा गांधी जैसे महान क्रांतिकारियों ने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि "देश से बड़ा कुछ नहीं होता।"
डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बना हमारा संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। यदि हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें, तो भारत को विश्व की सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में शामिल होने से कोई नहीं रोक सकता। आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम जाति, धर्म और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करेंगे। क्योंकि- "एकता में ही शक्ति है।" और "जहाँ संविधान का सम्मान होता है, वहीं राष्ट्र प्रगति करता है।" अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि हम संविधान का सम्मान करें, देश के लिए ईमानदारी से कार्य करें, और महान क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाएं।
- जय हिंद ! वंदे मातरम् !
अपने भाषण को आकर्षक कैसे बनाएं ?
गणतंत्र दिवस 2026 के अपने भाषण में इन बिंदुओं को शामिल करें
• यदि आप अपने भाषण को व्यक्तिगत रूप देना चाहते हैं या उसे 2026 के हिसाब से अधिक प्रभावशाली और प्रासंगिक बनाना चाहते हैं तो यहां कुछ प्रासंगिक सुझाव दिए गए हैं जिन्हें आप शामिल कर सकते हैं -
• भारत के गणतंत्र के रूप में 77 वर्ष पूरे होने और विज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैश्विक नेतृत्व में हुई प्रगति के बारे में बात करें और व्याख्या में संक्षिप्त रूप से समझाएं ।
• चंद्रयान-3, मंगलयान, अटल सुरंग जैसे उपलब्धियां हमारी बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था या जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई में भारत के नेतृत्व का उल्लेख भी कर सकते हैं।
• भारत के उज्जवल भविष्य को आकार देने में एकता, विविधता और युवाओं की जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दें।
• इसमें अपने व्यक्तिगत अनुभव या कक्षा में किसी की गई कोई ऐसी पहल शामिल करें जो राष्ट्रीय गौरव का प्रतिनिधित्व करती हो जैसे पेड़ लगाना या स्वयं सेवा करना, स्वच्छता अभियान आदि।
• भारत का एक बेहतर नागरिक बनने के लिए आप क्या करते हैं या फिर कोई प्रतिदिन क्या कर सकता है जैसे विचारात्मक प्रश्न के साथ अपने भाषण का समापन करें।
👉 GK / सामान्य ज्ञान
👉 स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री
Premchandra solution Point की मदद से खुद को एक आत्मविश्वासी सार्वजनिक वक्त बनाने में सहायता करें।
मंच पर आत्मविश्वासपूर्ण भाषण कैसे दें ? या गणतंत्र दिवस के लिए भाषण कैसे तैयार करें?
उत्तर :- आपको गणतंत्र दिवस पर आत्मविश्वास पूर्ण भाषण देने में मदद करने के लिए कुछ विशेष सुझाव निम्न है -
अब जबकि आपके पास एक पूरा भाषण लिखित रूप में तैयार हो गया है तो यहां कुछ तरीके सुझाव के रूप में दिए गए हैं जिसे आप प्रभावी ढंग से तैयार कर सकते हैं।
• आईने / दर्पण के सामने अभ्यास करें जिससे चेहरे के भाव और आवाज की स्पष्टता का अभ्यास हो सके।
• यह भी सीखिए कि आत्मविश्वास भरी मुस्कान और दर्शकों को विनम्रता पूर्वक अभिवादन करने के साथ शुरुआत करना चाहिए।
• एक-एक शब्द याद करने से बच्चे। इसकी बजाय प्रत्येक पैराग्राफ को समझने और स्वाभाविक रूप से बोलने में विशेष जोर दें।
• यह भी याद रखें की महत्वपूर्ण पंक्तियां या उदाहरण के बाद थोड़ा रुकें ताकि संदेश श्रोताओं के मन में अच्छी तरह से बैठ जाए।
• जब आप आंखों से संपर्क बनाए रखते हैं और सौम्य हाथों के इशारों का उपयोग करते हुए अपने बातों को श्रोताओं तक पहुंचाते हैं तो यही छोटे-छोटे कार्य भाषण को अधिक आकर्षक और स्वाभाविक बनाते हैं।
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Republic Day Best Slogan 2026 / 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के प्रेरणादायक स्लोगन
यहां गणतंत्र दिवस पर कुछ प्रेरणादायक सुंदर नार प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें आप अपने विद्यालयों, कॉलेज या आदि के गणतंत्रदिवस समझ में प्रस्तुत कर सकते हैं -
- "तुम मझे खूनद मैं तुम्हें आजादी दूंगा!" - सुभाषचंद्र बोस
- "सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।" -बिस्मिल अजीमाबादी
- "स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।" -बाल गंगाधर तलक
- "सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्ता हमारा।" -इकबाल
- "कमजोर कभी माफ नहीं कर सकते, माफ करना ताकतवर का गुण है।" -महात्मा गांधी
- "विश्वास वह पक्षी है जो तब रोशनी महसूस कराता है, जब भोर अभी भी अंधेरा होती है।" -रविंद्रनाथ टैगोर
- "एक विचार उठाओ, उसके प्रति समर्पित हो जाओ, धैपूर्वक संघर्ष करो और सूरज तुम्हारे लिए उग जाएगा।" - स्वामी विवेकानंद
- "जो गोलियां मुझे लगी, वह भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत की आखिरी किले हैं।" -लाला लाजपत राय
- "यह देश अन्य सभी से श्रेष्ठ है क्योंकि आप इसमें पैदा हुए हैं।" -जॉर्ज बर्नार्ड शाॅ
- "बम और पिस्तौल क्रांति नहीं करते, क्रांति की तलवार विचारों की दर पर तेज की जाती है।" -भगत सिंह
- "एक व्यक्ति किसी विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद हजारों लोगों के जीवन में अवतरित होगा।" -नेताजी सुभाष चंद्र बोस
- "ना तेरा देश है, ना मेरा देश है, यह भूमि भारत का है, और हम सभी का देश है। "
- "याद रखेंगे वीरों तुमको हरदम यह बलिदान तुम्हारा है, हमको तो जान से प्यार यह गणतंत्र हमारा है।"
- "इस देश के लिए वीरों ने अपना खून बहाया है, झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है।"
- "भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊंची है तेरी शान, तेरे आगे शीश झुकाए और दे तुमको हम सब सम्मान।"
- "देशभक्ति की आओ मिलकर अलख जगाएं, और अब हम सब रिपब्लिक डे मनाए।"
- "आओ इस दिन का मजा उठाएं, हम सब मिलकर गणतंत्र दिवस मनाएं।"
- "गणतंत्त्र दिवस के उत्सव पर हमारे राष्ट्र का उद्धार हो- खुशियों का विस्तार हो।"
- "गणतंत्र दिवस पर हम सब में साहस का संचार हो, इसी दिशा में हम सबके यस का विस्तार हो।"
- "गौरवशाली हमारा गणतंत्र, इसमें छुपा है भारत का मंत्र।"
- "हर देशभक्त का यही है, सपना भारत बने सबसे महान।"
- "गणतंत्र दिवस पर ले यह संकल्प, बनाएंगे भारत को और उत्कृष्ट।"
- "एकता अखंडता के संग बढ़े हमारा भारत हर रंग।"
- "गणतंत्र दिवस के उत्सव पर हमारे राष्ट्र का उद्धार हो खुशियों का विस्तार हो।"
- "गणतंत्र दिवस के दिन हम मिलकर गाएं राष्ट्र प्रेम का गीत।"
- "विविधता में एकता ही हमारे गणतंत्र की पहचान है।"
- "हम सबका एक ही नारा, गणतंत्र भारत सबसे प्यारा।"
- "संविधान हमारा गौरव है, भारत का गणतंत्र सर्वोत्तम है।'
- "सभी धर्म का हो सम्मान, यही हमारे गणतंत्र की शान ।"
- "आओ मिलकर तिरंगा फहराएं, गणतंत्र दिवस को खास बनाएं।"
- "गणतंत्र दिवस की यही पुकार, हम सब रहे एक दूसरे के साथ।"
- "न जात-पात में बटे ना धर्म में बटे, हम सब भारतीय हैं।"
- "तिरंगा एहसान हमारे, गणतंत्र दिवस है पहचान हमारी।"
- "संविधान की रक्षा करेंगे, भारत को आगे बढ़ाएंगे।"
- "गणतंत्र दिवस का यही संदेश, हर दिल में हो देश प्रेम का वेश।"
- "2026 का है यह संदेश, हर भारतीय का हो देश से प्रेम विशेष।"
- "आओ करें नए भारत का निर्माण गणतंत्र के मूल्यों पर रखें मान।"
- "नए भारत की नई उड़ान, गणतंत्र दिवस पर करें अभियान।"
- "सभी का साथ सभी का विकास, यही है गणतंत्र की आस।"
- "गणतंत्र दिवस की शान बढ़ाएं, भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।"
- "संविधान है हमारी ताकत, इसे निभाना है हमारी आदत।"
- "2026 में लें यह संकल्प, देश की प्रगति में बने सहभागी और सक्षम।"
- "गणतंत्र दिवस का पर्व महान, सब मिलकर करें देश का सम्मान।
- "नया साल नया सपना गणतंत्र दिवस का नया भारत अपना।"
नमूना 1
गणतन्त्र दिवस (10 लाइन) की निबंध
1. गणतन्त्र दिवस एक महान दिन है।
2. यह 26 जनवरी को मनाया जाता है।
3. यह भारत का एक राष्ट्रीय त्योहार है।
4. यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है।
5. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।
6. संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है।
7. हमें अपने संविधान का सम्मान करना चाहिए।
8. इस दिन भारत के राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं।
9. हम यह दिन बहुत खुशी से मनाते हैं।
10. गणतन्त्र दिवस हमें शांति और एकता से रहना सिखाता है।
नमूना 2
गणतन्त्र दिवस
वंदे मातरम् - का अर्थ हिन्दी में
1. वंदे मातरम्
हे मातृभूमि, मैं तुझे प्रणाम करता हूॅं।
2. सुजलां-सुफलां
जो जल और फलों से समृद्ध है।
3. मलयजशीतलाम्
जो मलय पर्वत की ठंडी सुगंध से भरी है।
4. शस्य श्यामलां मातरम्
जो हरे-भरे खेतों से लहराती है, हे मेरी माॅं !
5. शुभ्र-ज्योत्स्ना - पुलकित-यांमिनीम्
जिसकी रातें चाँदनी से नहाई हुई हैं।
6. फुल्ल-कुसुमित - द्रुमदल-शोभिनीम्
जो खिले हुए फूलों और हरे वृक्षों से सजी है।
7. सुहासिनीं समधुर भाषिणीम्
जहाँ की स्त्रियां सुगंधित, सुसंस्कृत और मधुर भाषी हैं।
8. सुखदां वरदां मातरम्
जो सुख देने वाली और वरदान देने वाली माॅं है।
👉 GK / सामान्य ज्ञान
आप सभी पाठकों को यह लेख पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद! तथा आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस पोस्ट को अपने सहपाठी गण तथा फेसबुक एवं व्हाट्सएप पर शेयर अवश्य करें।
👉 स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री